Student Protest Bemetara: सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर पर छात्राओं से अश्लीलता का आरोप, हंगामे के बाद दिया इस्तीफा
Student Protest Bemetara: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के शासकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान कॉलेज में राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ज्योति प्रभात राणा पर छात्राओं ने अभद्र व्यवहार और आपत्तिजनक मैसेज भेजने के आरोप लगाए हैं। मामले के विरोध में छात्रों ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। विवाद बढ़ने के बाद प्रोफेसर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि छात्र-छात्राएं केवल इस्तीफे से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने पुलिस जांच व FIR दर्ज करने की मांग की है।
प्रकाशित: 30 Sep 2026, 11:21 AM· 4 मिनट पढ़ने का समय
बेमेतरा
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Student Protest Bemetara: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां शासकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान कॉलेज के एक प्रोफेसर पर छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार और अश्लील मैसेज भेजने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना से आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद आरोपी प्रोफेसर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
देर रात फोन और अश्लील मैसेज भेजने का आरोप
पीड़ित छात्राओं का आरोप है कि राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ज्योति प्रभात (जेपी) राणा काफी समय से उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। एक छात्रा ने बताया कि प्रोफेसर देर रात वॉट्सऐप पर कॉल करते थे। जब कॉल रिसीव नहीं की जाती थी, तो वे आपत्तिजनक मैसेज भेजते थे। छात्रा के अनुसार, प्रोफेसर ने मैसेज में पैसों का लालच देकर पास बुलाने जैसी बातें लिखीं। हद तो तब हो गई जब उन्होंने मैसेज में लिखा— ‘50 हजार में तो महिला प्रोफेसर भी आ जाती है, तुम आ जाओ।’ छात्राओं का कहना है कि प्रोफेसर उन्हें पैसों से तौलने और उनकी अस्मिता को ठेस पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे।
प्रोफेसर ज्योति प्रभात राणाकलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र, साक्ष्य के रूप में सौंपे स्क्रीनशॉट
मामले की गंभीरता को देखते हुए छात्र-छात्राओं का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा और बेमेतरा कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी। निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए छात्रों ने सबूत के तौर पर प्रोफेसर द्वारा भेजे गए वॉट्सऐप मैसेज और कॉल हिस्ट्री के स्क्रीनशॉट भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे हैं। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने सबसे पहले इस बात की शिकायत कॉलेज की प्राचार्या डॉ. वीणा त्रिपाठी से की थी। हालांकि, आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने मामले को दबाने और इसे कॉलेज स्तर पर ही रफा-दफा करने का प्रयास किया। प्रबंधन के इस रवैये से असंतुष्ट होकर छात्रों को प्रशासनिक अधिकारियों का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
मंगलवार को कॉलेज परिसर में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित छात्रों ने मेन गेट पर ताला जड़ दिया और प्राचार्य व कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना था कि यदि प्रोफेसर ने इस्तीफा दे दिया है, तो कॉलेज प्रबंधन उसे सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहा? कई घंटों तक चले हंगामे और कड़े विरोध के बाद आखिरकार प्राचार्य को प्रोफेसर का इस्तीफा पत्र सार्वजनिक करना पड़ा। इस्तीफे की प्रति देखने के बाद ही छात्रों ने अपना धरना-प्रदर्शन खत्म किया और कॉलेज का गेट खोला।
व्हाट्सऐप चैट3 साल से पदस्थ थे प्रोफेसर, कानूनी कार्रवाई की मांग
जानकारी के मुताबिक, आरोपी प्रोफेसर जेपी राणा पिछले तीन वर्षों से कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग में पदस्थ थे। हालांकि उन्होंने अपना त्यागपत्र दे दिया है और कॉलेज प्रबंधन ने उसे स्वीकार भी कर लिया है, लेकिन छात्र केवल इस्तीफे से संतुष्ट नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पुलिस FIR दर्ज की जानी चाहिए।
प्रोफेसर का फोन बंद, प्रबंधन की चुप्पी बरकरार
इस पूरे घटनाक्रम पर जब प्रोफेसर जेपी राणा का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उनका मोबाइल फोन लगातार बंद मिला। वहीं दूसरी ओर, कॉलेज प्रबंधन या जिले के उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल मामला प्रशासन की चौखट पर है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।