Sugar Price Today: त्योहारों के सीजन से पहले चीनी बाजार में नरमी का असर देखने को मिल रहा है। देश के कई प्रमुख शहरों में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान चीनी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 22 अगस्त की तुलना में 12 सितंबर को चीनी के रिटेल भाव कई जगहों पर 12 से 16 रुपए प्रति किलो तक कम हो गए हैं।
ChiniMandi के रिटेल रेट के अनुसार, कानपुर में चीनी की कीमत 69 रुपए प्रति किलो से घटकर 53 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है। वहीं रांची में भाव 70 रुपए से गिरकर 55 रुपये प्रति किलो रह गए हैं। कोलकाता और गुवाहाटी जैसे शहरों में भी करीब 22 दिनों के भीतर चीनी के दाम में लगभग 15 रुपए प्रति किलो की कमी आई है।
सरकार ने चीनी मिलों को दिया सख्त निर्देश
चीनी की कीमतों में गिरावट के बीच केंद्र सरकार ने चीनी मिलों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने मिलों से कहा है कि वे तय पखवाड़े के कोटे के अनुसार ही चीनी की बिक्री और आपूर्ति करें। उद्योग सूत्रों के मुताबिक, अगर कोई मिल निर्धारित मात्रा से कम या ज्यादा चीनी बेचती है या डिस्पैच करती है तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
587 मिलों और 2 रिफाइनरियों को मिला 13 लाख टन का कोटा
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) ने 30 अगस्त को जारी अधिसूचना के तहत सितंबर के पहले पखवाड़े के लिए 587 चीनी मिलों और दो रिफाइनरियों को कुल 13 लाख मीट्रिक टन (LMT) चीनी का बिक्री कोटा आवंटित किया था। इस व्यवस्था के तहत मिलों को अपने कुल आवंटित कोटे का कम से कम 40 प्रतिशत पहले सप्ताह में और बाकी मात्रा दूसरे सप्ताह में बेचनी होगी।
तय कोटे से ज्यादा या कम बिक्री पर होगी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सितंबर के दूसरे पखवाड़े के चीनी कोटे में पहले पखवाड़े की बची हुई मात्रा को आगे जोड़ने की अनुमति नहीं होगी। इसका मतलब है कि प्रत्येक चीनी मिल को जिस अवधि के लिए जितना कोटा जारी किया गया है, उसी के अनुसार बिक्री और सप्लाई करनी होगी। कोटे के नियमों का उल्लंघन करने वाली मिलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।|
शहर |
22 अगस्त के
रेट (₹/किलो) |
12 सितंबर के
रेट (₹/किलो) |
गिरावट (₹/किलो) |
|
दिल्ली |
68 |
55 |
13 |
|
कानपुर |
69 |
53 |
16 |
|
रायपुर |
68 |
55 |
13 |
|
मुंबई |
68 |
54 |
14 |
|
रांची |
70 |
55 |
15 |
|
कोलकाता |
70 |
55 |
15 |
|
गुवाहटी |
71 |
56 |
15 |
|
हैदराबाद |
70 |
54 |
16 |
|
चेन्नई |
70 |
58 |
12 |
उत्तर प्रदेश को मिला सबसे बड़ा चीनी कोटा
राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक करीब 4.20 लाख टन चीनी का कोटा मिला है। इसके बाद महाराष्ट्र को लगभग 4.10 लाख टन और कर्नाटक को करीब 1.77 लाख टन का आवंटन किया गया है। वहीं तमिलनाडु, गुजरात, बिहार और पंजाब को लगभग 24 हजार टन से 44 हजार टन के बीच चीनी कोटा दिया गया है।
चीनी स्टॉक पर सरकार की बढ़ी निगरानी
सरकार ने चीनी मिलों के स्टॉक की निगरानी भी तेज कर दी है। सभी मिलों को सितंबर पखवाड़े के लिए ओपनिंग स्टॉक, उत्पादन, बिक्री, डिस्पैच, रिलीज और क्लोजिंग स्टॉक की जानकारी ऑनलाइन जमा करनी होगी। मिलों को यह विवरण 18 सितंबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बिक्री के बाद चीनी की डिलीवरी सात दिनों के भीतर सुनिश्चित करनी होगी।चीनी के दाम क्यों घटे? जानिए गिरावट की बड़ी वजहें
चीनी के दाम कम होने की सबसे बड़ी वजह बाजार में इसकी सप्लाई बढ़ना और सरकार की ओर से चीनी मिलों पर निगरानी बढ़ाना है। सरकार ने मिलों को तय मात्रा के अनुसार ही चीनी बेचने के निर्देश दिए हैं, जिससे बाजार में चीनी की उपलब्धता बनी हुई है। इसके अलावा स्टॉक की जांच और बिक्री व्यवस्था पर सख्ती के कारण भी कीमतों में नरमी आई है। त्योहारों से पहले सरकार चाहती है कि बाजार में चीनी की कमी न हो और ग्राहकों को बढ़ती मांग के बीच राहत मिल सके।
GST बिल और स्टॉक का होगा सत्यापन
सरकार ने डिस्पैच से जुड़े GST बिलों की जांच के लिए केंद्रीय और राज्य अधिकारियों की संयुक्त जांच व्यवस्था बनाई है। इन बिलों का रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। इसके साथ ही 31 अगस्त को घोषित क्लोजिंग स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। यदि स्टॉक में किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
