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A Glimpse of Folk Culture Seen During Teeja-Pora(Image Source: CGDPR)
A Glimpse of Folk Culture Seen During Teeja-Pora(Image Source: CGDPR)
राज्य सरकार

Teeja Pora Festival: तीजा-पोरा पर सजा मुख्यमंत्री निवास, सीएम साय ने कहा- आज मेरा घर आप बहनों का मायका है

Teeja Pora Festival: नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में तीजा-पोरा तिहार का भव्य आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर से पहुंचीं माताओं-बहनों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री निवास को उनका मायका बताया। इस दौरान छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति, पारंपरिक खेल, लोक कलाकारों की प्रस्तुति और ग्रामीण परिवेश की झलक देखने को मिली।

कीर्तिमान डेस्क | धनेश्वरी साहू
13 Sep 2026, 02:24 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Teeja Pora Festival: नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक आत्मीयता और मातृशक्ति के उल्लास का साक्षी बना। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं, बहनों और बेटियों के स्वागत में मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव और मायके की तरह सजाया गया था। पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, लोक शिल्प और ग्रामीण परिवेश की सजावट के बीच फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़, मेहंदी और झूलों ने पूरे परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच माताओं-बहनों ने पूरे उत्साह के साथ तीजा-पोरा की खुशियां साझा कीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में तीजा पर बेटियों और बहनों के मायके आने की सुंदर परंपरा है। आज प्रदेशभर से आप सभी बहनें मेरे घर आई हैं, इसलिए मुख्यमंत्री निवास आज आप सभी का मायका है। अपने भाई के घर आपका आना मेरे लिए सौभाग्य और आनंद की बात है। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय संबोधन के साथ पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा।

शिव-पार्वती की पूजा कर मांगी प्रदेश की सुख-समृद्धि

कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की माताओं-बहनों सहित सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा का पर्व माता पार्वती की तपस्या, समर्पण और अटूट आस्था से जुड़ा हुआ है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। हमारी माताएं और बहनें आज भी इस महान परंपरा को श्रद्धा के साथ आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की माताओं-बहनों के सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य के साथ छत्तीसगढ़ के निरंतर विकास और खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोरा का पर्व हमारी कृषि संस्कृति और पशुधन के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति में खेती-किसानी केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन पद्धति का अभिन्न हिस्सा है। तीजा और पोरा का यह संगम हमारी लोकसंस्कृति की उसी आत्मीयता और व्यापकता को अभिव्यक्त करता है।

तीजा-पोरा तिहार पर सीएम विष्णु देव साय ने की भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना
सुपोषित छत्तीसगढ़ के लिए ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान

तीजा-पोरा के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ किया और अभियान के लोगो का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनगा पोषक तत्वों और आवश्यक मिनरल्स से भरपूर है। इसकी पत्तियां और फलियां पोषण की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं। विशेषकर महिलाओं और बच्चों के आहार में इसका उपयोग बेहतर पोषण में सहायक हो सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि अपने घरों और आसपास मुनगा लगाएं और इसके पोषण गुणों को जन-जन तक पहुंचाएं। घर-घर मुनगा लगाने की यह पहल जनभागीदारी के माध्यम से सुपोषित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूत करेगी।

राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ, सुपोषण रथ करेगा जागरूक

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश में राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। उन्होंने राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के पोस्टर का विमोचन किया और उपस्थित माताओं-बहनों को सुपोषण की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में पोषण माह आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और परिवारों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सुपोषण रथ भी अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर पोषण संबंधी जानकारी लोगों तक पहुंचाएगा।

तीजा-पोरा उत्सव में सीएम साय ने नन्हे बच्चे को खीर खिलाकर कराया अन्नप्राशन संस्कार 
नन्हे बच्चों को खीर खिलाकर कराया अन्नप्राशन

कार्यक्रम में आत्मीयता का एक विशेष दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री साय ने नन्हे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन कराया। उन्होंने बच्चों को स्नेह और आशीर्वाद देते हुए उनके स्वस्थ, खुशहाल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। तीजा-पोरा के पारिवारिक उत्सव के बीच अन्नप्राशन संस्कार और पोषण से जुड़ी गतिविधियों ने कार्यक्रम को सुपोषण के संदेश से भी जोड़ा। मुख्यमंत्री ने बच्चों की माताओं से भी आत्मीय संवाद किया और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण की जानकारी ली।

महतारी वंदन से माताओं-बहनों को मिल रहा आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि माताओं-बहनों के बैंक खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों के हाथ में अपनी राशि होने से उनमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ी है। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आजीविका, कौशल, स्वामित्व और उद्यमिता के अवसर भी उपलब्ध हों।

महिलाओं के नाम संपत्ति को प्रोत्साहन, स्वामित्व से बढ़ रहा आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उन्हें संपत्ति में स्वामित्व देने की दिशा में भी राज्य सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति के पंजीयन को प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को अवसर, सम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और निर्णय में भागीदारी देना है। सरकार इसी व्यापक सोच के साथ माताओं-बहनों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है।

हर जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत का संकल्प

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण हो रहा है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं और इनमें से साढ़े 11 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान प्रदेश के लिए 3 लाख 65 हजार नए प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी जरूरतमंद परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार मिलकर हर जरूरतमंद परिवार के पक्के घर के सपने को तेजी से साकार कर रही है।

मुख्यमंत्री निवास में साकार हुआ छत्तीसगढ़ी गांव का परिवेश

तीजा-पोरा तिहार के लिए मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव की थीम पर विशेष रूप से सजाया गया था। बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, पारंपरिक खिलौनों और ग्रामीण परिवेश के बीच प्रदेश की लोकसंस्कृति की जीवंत झलक दिखाई दी। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग बिखेर दिए। माताओं-बहनों ने फुगड़ी, रस्साकशी और कुर्सी दौड़ में उत्साह से भाग लिया। मेहंदी लगवाने और झूला झूलने के साथ उन्होंने तीजा के मायके वाले उल्लास का आनंद लिया। मुख्यमंत्री निवास का पूरा वातावरण ऐसा था मानो प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की लोक परंपराएं एक ही आंगन में साकार हो उठी हों।

तीजा हमारी समृद्ध परंपराओं और मातृशक्ति का पर्व : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की माताओं-बहनों को तीजा-पोरा तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तीजा हमारी समृद्ध परंपराओं और मातृशक्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री दयाल दास बघेल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, राज्य सभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, महापौर मीनल चौबे, वीणा सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, विभिन्न संस्थाओं की पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित थीं।
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