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NSUI के 82 प्रश्नों के मिलान के आरोप
NSUI के 82 प्रश्नों के मिलान के आरोप
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UPSC : 82 प्रश्नों के कोचिंग मटेरियल से मिलान के आरोप, NSUI ने उठाई जांच की मांग  

UPSC प्रीलिम्स 2026 के परिणाम के बाद परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठ गए हैं। कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने आरोप लगाया है कि परीक्षा के 100 में से 82 प्रश्न एक निजी कोचिंग संस्थान के स्टडी मटेरियल से मेल खाते हैं। संगठन ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए UPSC से पारदर्शी जांच की मांग की है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 17 Jun 2026, 02:31 PM · अपडेट: 12 Oct 2026, 07:09 PM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को भारत की सबसे कठिन और विश्वसनीय परीक्षाओं में गिना जाता है। हर वर्ष लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होकर प्रशासनिक सेवाओं में चयन का सपना देखते हैं। लेकिन UPSC प्रीलिम्स 2026 के परिणाम के बाद अब इस परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने आरोप लगाया है कि इस वर्ष के प्रीलिम्स पेपर में पूछे गए 100 में से 82 प्रश्न एक निजी कोचिंग संस्थान अनंतम IAS” के स्टडी मटेरियल से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से मेल खाते हैं। संगठन का कहना है कि यह मेल केवल विषय स्तर पर नहीं, बल्कि कई प्रश्नों की भाषा और संरचना तक समान पाई गई है, जो गंभीर संदेह पैदा करती है। 

परीक्षा के बाद स्टडी मटेरियल

विवाद को और गंभीर बनाते हुए NSUI ने यह भी दावा किया है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद संबंधित कोचिंग संस्थान ने अपने स्टडी मटेरियल में संशोधन किया और उसमें तारीखों से जुड़ी कथित हेरफेर भी देखी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी आधिकारिक जांच एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है।

विशेषज्ञों की राय

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि UPSC परीक्षा का सिलेबस अत्यंत व्यापक और विश्लेषणात्मक होता है। कोचिंग संस्थान अक्सर पिछले वर्षों के पैटर्न और संभावित विषयों के आधार पर अध्ययन सामग्री तैयार करते हैं। ऐसे में कुछ प्रश्नों का मेल सामान्य माना जा सकता है, लेकिन यदि 80% से अधिक प्रश्नों में समानता पाई जाती है, तो यह विषय गंभीर जांच की मांग करता है।

पेपर लीक बनाम संभावित संयोग

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह वास्तव में पेपर लीक का मामला हो सकता है या फिर यह कोचिंग की मजबूत तैयारी और अनुमान का परिणाम है।विशेषज्ञों का कहना है कि बिना ठोस तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। NSUI ने UPSC को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग की है। 

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