अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पूरे बलरामपुर जिले में योग को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। इस वर्ष "स्वस्थ आयु के लिए योग" के मुख्य संदेश (थीम) के साथ जिले भर में बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय मुख्य समारोह स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के हाई स्कूल मैदान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुईं जिले की प्रभारी तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने खुद अग्रिम पंक्ति में बैठकर विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। उन्होंने वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए हर दिन योग करने की सलाह दी।
योग सिर्फ व्यायाम नहीं, तन-मन को जोड़ने का विज्ञान
समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज अगर भारत की इस प्राचीन संस्कृति को पूरी दुनिया में मान मिला है, तो इसका श्रेय प्रधानमंत्री के विजन को जाता है। योग अब सात समंदर पार भी लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि योग को सिर्फ हाथ-पैर हिलाने या शारीरिक कसरत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह वास्तव में हमारे शरीर, मन और आत्मा को एक सूत्र में पिरोने का विज्ञान है। अध्यात्म और योग मिलकर इंसान को अनुशासित और सकारात्मक बनाते हैं।
भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत की कुंजी है योग
युवाओं से संवाद और परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' का रोपण
योग सत्र के समापन के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने वहां मौजूद स्काउट-गाइड, रोवर और रेंजर के छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से उनके अनुभव पूछे और देश के विकास में अनुशासन व सेवा भावना के महत्व पर चर्चा की। इसके तुरंत बाद, देशव्यापी पर्यावरण अभियान को आगे बढ़ाते हुए मंत्री ने हाई स्कूल मैदान परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' थीम के तहत मौल का पौधा लगाया। उनके साथ ही कलेक्टर, एसपी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पौधरोपण कर 'हरित बलरामपुर' का संदेश दिया।