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फोटो साभार : जेमिनी
फोटो साभार : जेमिनी
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कमर्शियल एलपीजी पर सख्ती : मध्यप्रदेश में कार्ड सत्यापन, डिपॉजिट और सीमित सिलेंडर वितरण के नए नियम लागू

मध्य प्रदेश में शादी के सीजन के दौरान कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की बढ़ती मांग को नियंत्रित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब शादी वाले परिवारों को सिलेंडर लेने के लिए शादी का कार्ड जमा करना होगा और सत्यापन के बाद अधिकतम दो सिलेंडर मिलेंगे। इसके लिए लगभग 4000 रुपये का सुरक्षा जमा और प्रति सिलेंडर करीब 1850 रुपये शुल्क देना होगा। इस्तेमाल के बाद सिलेंडर 2–3 दिनों में लौटाना अनिवार्य है। होटल, ढाबा और कैटरिंग जैसे व्यवसायों के लिए भी सप्लाई जरूरत और उपलब्धता के आधार पर ही दी जाएगी ताकि कालाबाजारी और कमी को रोका जा सके।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 17 Apr 2026, 02:04 PM · अपडेट: 09 May 2026, 01:36 AM
भोपाल
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

प्रदेश में शादी-ब्याह का सीजन शुरू होते ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की मांग में तेज़ी आ गई है। भोपाल, इंदौर सहित राज्य के कई जिलों में इस बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन और गैस एजेंसियों ने मिलकर वितरण व्यवस्था में कुछ नए नियम लागू किए हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं दोनों को सिलेंडर की उपलब्धता में परेशानी न हो।

नई व्यवस्था के तहत अब शादी समारोहों में कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत को भी औपचारिक प्रक्रिया से जोड़ा गया है। जिन घरों में शादी है और उन्हें कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आवश्यकता है, उन्हें अपने नजदीकी गैस एजेंसी में शादी का कार्ड जमा करना होगा। कार्ड सत्यापन के बाद संबंधित परिवार को सीमित मात्रा में, अधिकतम दो कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।

सुरक्षा जमा और शुल्क का नियम

गैस एजेंसियों की ओर से बताया गया है कि सिलेंडर जारी करने से पहले लगभग 4000 रुपये की सुरक्षा जमा राशि (डिपॉजिट) ली जाएगी। यह राशि इस आश्वासन के रूप में होगी कि सिलेंडर सुरक्षित रूप से वापस किया जाएगा। इसके अलावा, गैस भरवाने के लिए प्रति सिलेंडर लगभग 1850 रुपये का शुल्क देना होगा।

प्रशासन के अनुसार यह डिपॉजिट पूरी तरह से सिक्योरिटी मनी की तरह काम करेगा, जिसे सिलेंडर समय पर और सही स्थिति में लौटाने के बाद वापस कर दिया जाएगा।

वापसी की समय-सीमा तय

नए नियमों के अनुसार, जारी किए गए सिलेंडर का उपयोग समाप्त होने के बाद उसे 2 से 3 दिनों के भीतर संबंधित गैस एजेंसी में वापस करना अनिवार्य होगा। तय समय पर वापसी नहीं होने की स्थिति में अतिरिक्त कार्रवाई या जमा राशि में कटौती जैसी प्रक्रिया भी लागू हो सकती है।

अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए भी सख्ती

केवल शादी वाले घर ही नहीं, बल्कि होटल, ढाबा, कैटरिंग सेवाएं और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए भी कमर्शियल सिलेंडरों का वितरण अब जरूरत और उपलब्धता के आधार पर ही किया जाएगा। इससे उन क्षेत्रों में अनावश्यक स्टॉकिंग और कालाबाजारी पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।

शादी सीजन में बढ़ी चुनौती

कैटरिंग एसोसिएशन और स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि शादी के इस व्यस्त सीजन में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे कई बार सप्लाई में कमी महसूस होती है। कुछ जगहों पर स्थिति ऐसी भी बन रही है कि सिलेंडर न मिलने पर लोग अस्थायी रूप से लकड़ी के चूल्हे या वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने को मजबूर हैं।

प्रशासन का दावा है कि यह नई व्यवस्था मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए लागू की गई है, ताकि शादी समारोहों और व्यावसायिक गतिविधियों में किसी तरह की बाधा न आए।

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