"सशक्तिकरण" के लिए 198 परिणाम मिले
पंचायतों को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत कर रही सरकार – साय
पंचायती राज दिवस पर रायपुर में आयोजित पंचायत सम्मेलन में विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य और केंद्र की “डबल इंजन” सरकार पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत कर ग्रामीण विकास को गति दे रही है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने अपने पंचायत स्तर से शुरू हुए राजनीतिक अनुभव साझा किए और विभिन्न योजनाओं—जैसे आवास, सड़क, डिजिटल सेवाएं और जल आपूर्ति—का उल्लेख किया। उन्होंने स्वच्छ, स्वस्थ गांवों के निर्माण, महिला सशक्तिकरण और विकास कार्यों की नियमित निगरानी पर बल दिया।
छत्तीसगढ़
महिला आरक्षण : 30 अप्रैल को विशेष सत्र, कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी साय सरकार
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल को बुलाया गया है। महिला आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा के साथ सरकार कांग्रेस के रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पेश करेगी, जिससे सियासी तापमान बढ़ने के आसार हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहले ही संकेत दे चुके हैं कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष, खासकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के रुख के खिलाफ सरकार निंदा प्रस्ताव लाएगी। माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव के जरिए भाजपा कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाएगी।
छत्तीसगढ़
भाजयुमो की मशाल रैली: नारी वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रदर्शन, राहुल गांधी का पुतला दहन
महासमुंद में भाजयुमो ने नारी वंदन अधिनियम के समर्थन में लोहिया चौक पर प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने नेहरू चौक तक मशाल रैली निकाली। रैली के दौरान विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की गई। अंत में राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं का पुतला दहन कर आक्रोश जताया गया।
भाजपा
भाजपा-कांग्रेस में महिला आरक्षण को लेकर घमासान तेज, सीएम साय और अरुण सिंह ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा और कांग्रेस के बीच महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और भाजपा नेता Arun Singh ने कांग्रेस पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे का विरोध करने और बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस का रवैया महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है और वह इस मुद्दे पर विरोधाभासी रुख अपनाती रही है। वहीं, कांग्रेस पर पलटवार और अपना पक्ष रखने की संभावना बनी हुई है। इस बयानबाज़ी के चलते राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है।
संसद
परिसीमन और आरक्षण : सीटें बढ़ाने का सपना क्यों टूटा, और लोकसभा में कैसे गिरी सरकार की सबसे बड़ी संसदीय बाज़ी, समझिए पूरी कहानी
पूरे घटनाक्रम को अगर व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें, तो यह सिर्फ एक बिल की हार नहीं है। यह उस जटिल संतुलन का उदाहरण है, जिसमें जनसंख्या, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक हित एक साथ टकराते हैं। यही कारण है कि यह मुद्दा आने वाले समय में भी भारतीय राजनीति के केंद्र में बना रहेगा। यह कहा जा सकता है कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने का यह प्रयास संसदीय प्रक्रिया में नहीं रुका, इसने यह भी दिखा दिया कि बड़े संवैधानिक बदलाव बहुमत से ही नहीं, व्यापक सहमति से ही संभव होते हैं।
देश
प्रियंका गांधी की PC : महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन का खेल था, 131वां संशोधन बिल गिरने पर सियासत तेज
लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस सामने आई। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि यह विधेयक महिला आरक्षण के बजाय परिसीमन से जुड़ा था, जबकि सरकार ने इसे महिला सशक्तिकरण से जोड़कर पेश किया। संसद में हुई बहस में संघीय ढांचे, जनगणना और प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे केंद्र में रहे।
लाड़ली बहना योजना: नकद सहायता से आगे बढ़कर अब पशुपालन के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी
लाड़ली बहना योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं को हर महीने ₹1500 की आर्थिक सहायता दे रही है, जिससे करीब 1.25 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। अब सरकार इस योजना को आगे बढ़ाते हुए कृषि से जुड़ी महिलाओं को पशुपालन (गाय-भैंस) के लिए आर्थिक मदद देने की तैयारी कर रही है, ताकि वे दूध उत्पादन के जरिए स्थायी आय कमा सकें। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को सिर्फ सहायता राशि तक सीमित न रखकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। हालांकि विपक्ष इस राशि को बढ़ाकर ₹3000 करने की मांग कर रहा है, जिस पर सरकार भविष्य में विचार करने की बात कह रही है।
छत्तीसगढ़
बसना में महिला उद्यमियों को बाजार से जोड़ने हेतु RAMP योजना के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
केंद्र सरकार की RAMP योजना के तहत CSIDC छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में बसना में “मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और महिला संचालित MSMEs को बाजार से जोड़ना और उनके उत्पादों के विस्तार को बढ़ावा देना था। कार्यशाला में वित्तीय सहायता, प्रदर्शनी/मेलों में भागीदारी, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता प्रमाणन, ई-कॉमर्स, B2B/B2C लिंकज और निर्यात अवसरों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने महिला उद्यमिता को आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट के बड़े फैसले : छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी शुरू, महिलाओं को रजिस्ट्री में 50% छूट, सैनिकों को भी बड़ी राहत
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) का प्रारूप तैयार करने के लिए समिति गठन का निर्णय लिया गया। महिलाओं को संपत्ति रजिस्ट्री में 50% और सैनिकों को स्टाम्प शुल्क में 25% छूट दी गई। खनन नियमों में सख्ती, उद्योग को बढ़ावा देने के लिए संशोधन, रेत खदानों पर नियंत्रण, पशुपालन योजनाओं का विस्तार और मध्यप्रदेश से 8536 करोड़ रुपए की वापसी जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
छत्तीसगढ़
नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर-2 प्रोजेक्ट की शुरुआत : सीएम साय सुकमा पहुंचे, 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
सुकमा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 308 करोड़ रुपए के 228 विकास कार्यों की सौगात दी, जिसमें 159 का शिलान्यास और 69 का लोकार्पण शामिल है। नक्सल प्रभावित बस्तर में अब तेजी से शांति और विकास लौट रहा है—3 हजार से अधिक नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, गांवों में स्कूल और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत 1100 टीमें घर-घर जांच करेंगी, वहीं महिलाओं, आदिवासियों और दिव्यांगों को योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है।
छत्तीसगढ़
महिलाओं को 33% आरक्षण: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर महासमुंद में अहम प्रेसवार्ता
महासमुंद में 12 अप्रैल 2026 को नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रेसवार्ता आयोजित की गई, जिसमें सांसद रुपकुमारी चौधरी ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले इस कानून को ऐतिहासिक बताया।
छत्तीसगढ़
दीदी के बखरी से बदली तस्वीर : कांकेर की 3,364 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, 25 हजार तक पहुंच रही मासिक आय
कांकेर जिला में “दीदी के बखरी” पहल के तहत महिलाएं सब्जी बाड़ी, मुर्गी पालन, मछली पालन और वनोपज संग्रहण से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। बिहान योजना के अंतर्गत 3364 महिलाएं इस मॉडल से जुड़ी हैं और हर महीने 20-25 हजार रुपए तक कमा रही हैं। आने वाले समय में 10,780 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिल रही है।