"सशक्तिकरण" के लिए 198 परिणाम मिले
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : वैदिक रीति-रिवाजों के साथ 62 जोड़ों का विवाह संपन्न
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देशानुसार रायपुर जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत तीन अलग-अलग स्थलों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में कुल 62 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ वैवाहिक बंधन में बंधे। आरंग में 16, तिल्दा-नेवरा में 31 तथा धरसीवां में 15 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ।
रायपुर
महतारी वंदन योजना : मिहलाओं को 27वीं किस्त सीधे उनके खातों में
छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना की 27वीं किस्त जारी कर दी है, जिसके तहत राज्य की 68 लाख 52 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में कुल 642 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव में सुशासन तिहार के दौरान इस किस्त का शुभारंभ किया। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर रही है। लाभार्थी महिलाएं एसएमएस अलर्ट, आधिकारिक पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए अपने भुगतान की स्थिति चेक कर सकती हैं। साथ ही सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया है, जिसकी प्रक्रिया 30 जून तक जारी रहेगी, ताकि भविष्य में सहायता राशि बिना किसी बाधा के मिलती रहे।
डिजिटल क्रांति : ताहकाडोंड में मोबाइल टावर से टूटा नो नेटवर्क का सन्नाटा, गांव सीधे जुड़ा दुनिया से
छत्तीसगढ़ के Chhattisgarh के बस्तर संभाग स्थित Narayanpur district के सुदूर गांव Tahkadonod village में मोबाइल टावर लगने से लंबे समय से चला आ रहा संचार का सन्नाटा खत्म हो गया है। अबूझमाड़ क्षेत्र के इस गांव और आसपास के इलाकों में लोग अब घर बैठे मोबाइल नेटवर्क से जुड़कर आसानी से बातचीत कर पा रहे हैं। पहले जहां फोन करने के लिए पहाड़ों पर चढ़ना पड़ता था, वहीं अब आपातकालीन सेवाएं, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुंच संभव हो गई है। यह बदलाव ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक अवसरों में बड़ी सुविधा लेकर आया है। कुल मिलाकर यह पहल दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने और जीवन स्तर सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आर्थिक संबल : असंगठित कर्मकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार
छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करना है। महासमुंद जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान हजारों हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से करोड़ों रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। विभिन्न योजनाओं जैसे मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, महतारी जतन, साइकिल, औजार, शिक्षा, छात्रवृत्ति और सुरक्षा उपकरण योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में श्रमिकों और उनके बच्चों को लाभ मिला है। साथ ही पंजीयन एवं नवीनीकरण अभियान के माध्यम से नए श्रमिकों को भी योजनाओं से जोड़ा गया है।
छत्तीसगढ़
महिलाओं को सौगात : जमीन रजिस्ट्री पर 50% छूट, संपत्ति में बढ़ेगा महिला स्वामित्व
छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के नाम पर संपत्ति रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50% की छूट देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की पहल और वित्त मंत्री O. P. Choudhary के नेतृत्व में लागू इस योजना का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और संपत्ति में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
छत्तीसगढ़
सुशासन तिहार के बीच छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक बदलाव : 42 IAS अधिकारियों का तबादला, 8 जिलों के कलेक्टर बदले, शासन व्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी
छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 42 IAS अधिकारियों का तबादला किया है। इस बदलाव में 8 जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं। IAS विश्वदीप को बीजापुर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं 1994 बैच की IAS ऋचा शर्मा को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में अपर मुख्य सचिव बनाते हुए अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
श्रमिक दिवस पर कार्यक्रम, श्रमिकों के सम्मान और अधिकारों पर दिया गया जोर
महासमुंद के श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अपर कलेक्टर सहित श्रम विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हुए। कार्यक्रम में श्रमिक दिवस के ऐतिहासिक महत्व, भारत में इसके आरंभ और श्रम कानूनों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने श्रमिकों के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला।
छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन को नई दिशा, मुख्यमंत्री साय ने सेवा सेतु पोर्टल का किया शुभारंभ
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में ‘सेवा सेतु’ पोर्टल का शुभारंभ किया, जो ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना का उन्नत संस्करण है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 441 सरकारी सेवाएं एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होंगी और नागरिक व्हाट्सएप, वेब पोर्टल तथा सेवा केंद्रों के जरिए आसानी से सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।
शिक्षा का नया रूप : छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केंद्र बने ‘पहली पाठशाला’ के सशक्त उदाहरण
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आंगनबाड़ी केंद्र अब पारंपरिक पोषण केंद्रों से आगे बढ़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण रोजगार के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित हो रहे हैं। ‘बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग एड (BALA)’ पहल के तहत बनाए गए आधुनिक भवनों में दीवारों, फर्श और सीढ़ियों को शिक्षण सामग्री में बदल दिया गया है, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। मनरेगा के माध्यम से इन केंद्रों के निर्माण ने ग्रामीणों को रोजगार भी दिया है, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण और पलायन में कमी आई है।
विष्णु देव साय ने श्रमिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर, ई-श्रम साथी ऐप लॉन्च
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रम विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में लखन देवांगन भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने नई श्रम संहिताओं के बेहतर क्रियान्वयन, श्रमिकों की सुरक्षा, औचक निरीक्षण और डिजिटल तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। इस दौरान “ई-श्रम साथी” मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया, जिससे श्रमिकों को घर बैठे रोजगार की जानकारी मिल सके।
महतारी वंदन योजना : छत्तीसगढ़ की महिलाओं को 27वीं किस्त का इंतजार, जानें कब आएगा पैसा और कैसे देखें स्टेटस
छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता DBT के जरिए दी जाती है। अब तक 26 किस्तें जारी हो चुकी हैं और लगभग 68 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। 27वीं किस्त की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन पिछले पैटर्न के अनुसार इसके मई 2026 के पहले सप्ताह (1–10 मई के बीच) जारी होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़
बस्तर के युवा रचेंगे डिजिटल क्रांति : जगदलपुर के विवेकानंद स्कूल में एआई और रोबोटिक्स वर्कशॉप का आगाज़
बस्तर के जगदलपुर स्थित विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित एक विशेष तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए छात्रों को AI, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रैक्टिकल शिक्षा दी गई। कलेक्टर आकाश छिकारा ने नवाचार और तकनीकी ज्ञान को भविष्य के लिए जरूरी बताते हुए छात्रों को प्रेरित किया। वर्कशॉप में छात्रों ने आर्डुइनो, सर्किट डिजाइनिंग, डिजाइन थिंकिंग और डेटा प्रेडिक्शन जैसी स्किल्स सीखीं, साथ ही AI के नैतिक उपयोग पर भी जोर दिया गया। शिक्षकों को भी प्रशिक्षण देकर स्कूल में स्थायी तकनीकी इकोसिस्टम बनाने की दिशा में कदम उठाया गया।