"तकनीकी प्रशिक्षण" के लिए 24 परिणाम मिले
राज्य सरकार
नई उड़ान : नारायणपुर बना रेशम उत्पादन का मॉडल, महिलाओं को मिला रोजगार का सहारा
नारायणपुर जिले में मलबरी और टसर रेशम योजनाएं ग्रामीणों के लिए आजीविका का मजबूत साधन बन रही हैं। महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय हितग्राहियों को रोजगार के साथ आर्थिक मजबूती मिल रही है। रेशम उत्पादन में बेहतर प्रदर्शन के साथ जिला आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहा है।
राज्य सरकार
बागान से बदली किस्मत : मैनपाट की धरती पर नाशपाती की खेती बना लाखों की कमाई का जरिया
छत्तीसगढ़ के मैनपाट में किसान मनोज यादव ने पारंपरिक खेती छोड़ नाशपाती की बागवानी को अपनाकर सफलता हासिल की है। 170 फलदार पेड़ों वाले उनके बागान से इस सीजन में करीब 1.5 लाख रुपये की आय हुई, वहीं पर्यटक भी ताजे फल खरीदने पहुंच रहे हैं।
राज्य सरकार
कृषि-वनीकरण : अबूझमाड़ में कॉफी आधारित एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल पर काम, किसानों को मिलेगी नई आजीविका
छत्तीसगढ़ सरकार ने अबूझमाड़ में कॉफी की वैज्ञानिक खेती की संभावनाओं का अध्ययन शुरू किया है। भारतीय कॉफी बोर्ड और जिला प्रशासन मिलकर इस परियोजना पर काम कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। भविष्य में कुछ क्षेत्रों में चाय की खेती की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
गरियाबंद
नई रफ्तार : 7 पंचायतों में आधुनिक बकरी शेड से बढ़ेगी पशुपालकों की आय
जिला प्रशासन ने मनरेगा के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए 7 ग्राम पंचायतों में लगभग 3 लाख रुपये प्रति इकाई लागत से आधुनिक बकरी पालन शेड स्वीकृत किए हैं। इन शेडों का निर्माण वैज्ञानिक मॉडल पर किया जाएगा, जिससे पशुओं को मौसम और बीमारियों से सुरक्षा मिलेगी तथा उत्पादन और आय में वृद्धि होगी। योजना में बकरी पालन के साथ देशी मुर्गी पालन को भी एकीकृत किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे। साथ ही पशुपालकों को चारा, स्वास्थ्य सेवाएं और तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह पहल रोजगार सृजन, स्थायी परिसंपत्ति निर्माण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
राज्य सरकार
सफलता : नाव संचालन से आत्मनिर्भरता तक, महिलाओं ने रचा नया इतिहास
सूरजपुर जिले के पहाड़गांव स्थित पिलखा डैम पर मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की 10 महिलाओं ने बोटिंग गतिविधि शुरू कर आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद समूह की महिलाओं ने प्रशिक्षण लेकर नाव संचालन और पर्यटकों की सुविधाओं की जिम्मेदारी संभाली। इस पहल से अब तक लगभग 74 हजार रुपये की आय अर्जित हुई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मविश्वास बढ़ा है।
राज्य सरकार
नई उड़ान : PACS समितियों से ड्रोन सेवा की शुरुआत
धमतरी जिले ने कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 10 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) में ड्रोन स्प्रेयर सेवा की शुरुआत की है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस पहल के साथ धमतरी देश का पहला जिला बन गया है, जहां सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।लोहरसी में आयोजित कार्यक्रम में ड्रोन तकनीक का सफल प्रदर्शन किया गया, जिसमें उर्वरक व कीटनाशकों के सटीक छिड़काव,
जशपुर
नई पहल : ग्रामीणों को घर के पास मिलेगी सरकारी सेवा, अब ग्राम पंचायतों से मिलेंगी 400+ ऑनलाइन सेवाएं
छत्तीसगढ़ शासन की 400 से अधिक डिजिटल सेवाएं गांव स्तर तक पहुंचाने की पहल के तहत जशपुर जिला प्रशासन ने ‘सेवा-सेतु पोर्टल’ (e-District 2.0) का प्रशिक्षण शुरू किया है। कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जशपुर, कांसाबेल और बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत सचिवों को ऑनलाइन सेवाओं के संचालन, आवेदन जांच और अनुमोदन की तकनीकी जानकारी दी गई।
ग्रामीण महिलाओं की नई उड़ान : इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
बिलासपुर के कोनी स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आर-सेटी) में ग्रामीण महिलाओं को पहली बार इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण दिया गया है। ‘बिहान’ योजना से जुड़ी 20 महिलाएं इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुरुष-प्रधान माने जाने वाले तकनीकी क्षेत्र में कदम रखकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। प्रशिक्षण में उन्हें वायरिंग, घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत, सुरक्षा उपाय और तकनीकी ज्ञान सिखाया गया।
पशुपालन क्रांति की शुरुआत : धमतरी के भटगांव में स्थापित होगा अत्याधुनिक ब्रीडिंग एवं रिसर्च सेंटर
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भटगांव में राज्य का पहला “रिसर्च कम इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन एडवांसमेंट ब्रीडिंग सेंटर” स्थापित किया जा रहा है। कलेक्टर की पहल पर शुरू यह परियोजना पशुपालन को पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ाकर वैज्ञानिक और आधुनिक व्यवसाय में बदलने का लक्ष्य रखती है। इस केंद्र में कृत्रिम गर्भाधान, पैथोलॉजी जांच, रोग निदान और उन्नत प्रयोगशाला जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे पशुओं की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
महासमुंद
कमार जनजाति परिवारों का डिजिटल सर्वे पूर्ण, केंद्र सरकार बनाएगी विशेष उत्थान योजनाएं
जिले में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लगभग 940 परिवारों का डिजिटल सर्वे पूरा किया गया, जिसमें उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की गई। इस डेटा के आधार पर जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा उनके उत्थान के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी, जिससे उनके जीवन स्तर और आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकेगा।
छत्तीसगढ़
बस्तर के युवा रचेंगे डिजिटल क्रांति : जगदलपुर के विवेकानंद स्कूल में एआई और रोबोटिक्स वर्कशॉप का आगाज़
बस्तर के जगदलपुर स्थित विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित एक विशेष तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए छात्रों को AI, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रैक्टिकल शिक्षा दी गई। कलेक्टर आकाश छिकारा ने नवाचार और तकनीकी ज्ञान को भविष्य के लिए जरूरी बताते हुए छात्रों को प्रेरित किया। वर्कशॉप में छात्रों ने आर्डुइनो, सर्किट डिजाइनिंग, डिजाइन थिंकिंग और डेटा प्रेडिक्शन जैसी स्किल्स सीखीं, साथ ही AI के नैतिक उपयोग पर भी जोर दिया गया। शिक्षकों को भी प्रशिक्षण देकर स्कूल में स्थायी तकनीकी इकोसिस्टम बनाने की दिशा में कदम उठाया गया।
छत्तीसगढ़
भुरकोनी के मत्स्य कृषक अब्दुल जमील ने 30 एकड़ के आधुनिक फिश फार्म से रची सफलता की नई मिसाल
अब्दुल जमील, ग्राम भुरकोनी (बागबाहरा), ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्रशिक्षण लेकर मछली पालन को आधुनिक और लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया। वर्ष 2000 में छोटे स्तर से शुरुआत करने वाले जमील आज लगभग 30 एकड़ में फैले फिश फार्म का संचालन करते हैं, जहाँ वे रोहू, कतला, मृगाल, पंगास और तिलापिया जैसी मछलियों के साथ-साथ बीज उत्पादन भी करते हैं।