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धर्म
नागपुर में गूंजेगी श्रीराम कथा की दिव्य धारा, बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री होंगे मुख्य वाचक
नागपुर के रेशम बाग में 26 से 30 अप्रैल 2026 तक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भव्य श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से होगी, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन स्थल रेशम बाग, नागपुर में भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
पिथौरा की मेधावी छात्राओं को राज्यपाल का सम्मान, 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान
महासमुंद जिले के आकांक्षी ब्लॉक पिथौरा की कक्षा 10वीं और 12वीं में टॉप-3 स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को राज्यपाल रमेन डेका द्वारा स्वेच्छानुदान से 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने चेक वितरित कर छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और निरंतर मेहनत के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी भी उपस्थित रहे। बसना विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने उत्कृष्ट परिणाम हासिल कर जिले का नाम रोशन किया।
धर्म
सीता नवमी : दांपत्य सुख, संतान प्राप्ति और पारिवारिक समृद्धि के लिए क्या करें, पढ़िए यहां
वैशाख कृष्ण नवमी को मनाई जाने वाली सीता नवमी माता सीता के प्राकट्य का पावन पर्व है। यह दिन विशेष रूप से दांपत्य सुख, संतान प्राप्ति और पारिवारिक समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मिथिला के राजा जनक जब खेत में हल चला रहे थे, तब धरती से एक दिव्य कलश प्रकट हुआ, जिसमें से एक कन्या का जन्म हुआ वही कन्या थीं माता सीता।
छत्तीसगढ़
आकर्षण और गुरुत्व : महासमुंद में ‘खुशियों के पांच दिन’ का चौथा दिन बना प्रेरणा का स्रोत
शहर में आयोजित ‘खुशियों के पांच दिन’ कार्यक्रम का चौथा दिन ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मक सोच के अद्भुत संगम के रूप में सामने आया। पूरे आयोजन स्थल पर एक अलग ही सकारात्मक वातावरण महसूस किया गया, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने न केवल कार्यक्रम का आनंद लिया, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाले विचार भी आत्मसात किए।
दर्शन शुरू : जयकारों से गूंजा केदारनाथ धाम, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा
Kedarnath Temple के कपाट आज सुबह विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा धाम “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया और हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे क्षेत्र में भीड़ बढ़ गई और कुछ स्थानों पर यातायात दबाव देखा गया। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और सुविधाओं के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं, जिनमें स्वास्थ्य केंद्र, भोजन, ठहरने और अन्य जरूरी सुविधाएं शामिल हैं। इस शुभ अवसर पर Pushkar Singh Dhami भी उपस्थित रहे। वहीं Narendra Modi ने सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए इसे भारत की आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बताया और श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा की कामना की।
यात्रा
दिव्य कुंड : जहां का पानी पीने से मोक्ष मिलने का दावा, जानिए कैसे और कब पहुंचें यहां
यात्रा भगवान शिव के दर्शन तक सीमित नहीं है, यहां स्थित दिव्य कुंडों का भी विशेष धार्मिक महत्व है। उदक कुंड और अमृत कुंड सहित पांच पवित्र जल स्रोतों के दर्शन और जल का स्पर्श जीवन के पापों से मुक्ति और मोक्ष का मार्ग माना जाता है। यह खबर आपको न सिर्फ इन कुंडों की महिमा बताएगी, बल्कि यात्रा के दौरान क्या करें इसका भी मार्गदर्शन देगी।
छत्तीसगढ़
मंच पर मासूम भक्ति : नन्हे शोभित के नृत्य से भावविभोर हुए श्रद्धालु
बसना के मंडी प्रांगण में राइस मिल एसोसिएशन द्वारा आयोजित अष्टप्रहरी नाम यज्ञ के दौरान भक्ति और संगीत से भरा वातावरण देखने को मिला। इसी बीच ग्राम परगला की नीलो माधव कीर्तन मंडली से आए 7 वर्षीय बालक शोभित पटेल ने “हरे राम हरे कृष्णा” भजन पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उसके नृत्य में भक्ति, लय और आत्मविश्वास का अनोखा संगम दिखाई दिया। श्रद्धालु उसकी प्रस्तुति से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उसे आशीर्वाद स्वरूप आर्थिक सम्मान भी दिया। शोभित की यह प्रस्तुति आयोजन का प्रमुख आकर्षण बन गई और उसकी मासूम भक्ति ने सभी के दिलों में गहरी छाप छोड़ी।
यात्रा
केदारनाथ यात्रा : बर्फ के बीच श्रद्धालु अनुभव करेंगे श्रद्धा और एक नया रोमांच
यह लेख केदारनाथ यात्रा 2026 को एक विशेष “स्नो कॉरिडोर” के साथ साहसिक और आध्यात्मिक अनुभव के रूप में प्रस्तुत करता है, जहाँ श्रद्धालु बर्फीले हिमालयी मार्गों से होकर बाबा केदारनाथ के दर्शन करेंगे। इसमें यात्रा को सुरक्षित और रोमांचक बनाने के लिए प्रशासनिक तैयारियों, जैसे बर्फ हटाने, निगरानी और अलर्ट सिस्टम का उल्लेख किया गया है। साथ ही ग्लेशियरों और भारी बर्फबारी से जुड़ी चुनौतियों को भी यात्रा का हिस्सा बताया गया है। अंत में इसे श्रद्धा, साहस और प्रकृति के अद्भुत संगम वाली अविस्मरणीय तीर्थयात्रा के रूप में दर्शाया गया है।
महासमुंद
अक्षय तृतीया पर चाक की रफ्तार तेज, मिट्टी की मूर्तियों और बर्तनों की बढ़ी मांग
अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर मिट्टी के बर्तनों और मूर्तियों की मांग तेजी से बढ़ जाती है, जिसके चलते कुम्हार समुदाय 15–20 दिन पहले से तैयारी में जुट जाता है। काली मिट्टी को आकार देकर, सुखाकर, भट्टी में पकाकर और फिर रंग-रोगन कर तैयार किया जाता है। इस अवसर पर गुड्डा-गुड़िया, कलश और देवी-देवताओं की मूर्तियों की विशेष मांग रहती है। परंपरागत मान्यताओं और धार्मिक आस्था के कारण आज भी मिट्टी के उत्पादों का महत्व बना हुआ है, जो कुम्हारों की आजीविका और सांस्कृतिक विरासत दोनों को संजोए रखता है।
छत्तीसगढ़
श्रीमद्भागवत कथा: ‘अनुराग’ के संदेश से गूंजा पूरा क्षेत्र, भक्तिमय हुआ वातावरण
खैरागढ़ जिले के ग्राम देवरी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भारी श्रद्धालु उमड़ रहे हैं और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा है। कथा के दौरान आचार्य नरेन्द्र नयन शास्त्री ने बताया कि भक्ति का वास्तविक आधार केवल भजन-कीर्तन नहीं बल्कि सच्चा अनुराग (प्रेम और समर्पण) है।
महासमुंद
मेरा गांव : प्रकृति, परंपरा और परिवर्तन के बीच संतुलन साधता जीवंत गांव कौंदकेरा
कौंदकेरा एक ऐसा गांव है, जहां प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक भावना का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। यह गांव जहां अपनी परंपराओं से शक्ति प्राप्त करता है, वहीं आधुनिक चुनौतियों से जूझ भी रहा है। आवश्यकता है संतुलित विकास और सामाजिक जागरूकता की, ताकि यह गांव अपनी पहचान को बनाए रखते हुए भविष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सके।
धर्म
अष्टप्रहरी हरिनाम यज्ञ संकीर्तन का भव्य शुभारंभ, निकली कलश यात्रा
बसना नगर के वार्ड क्रमांक 13 टिकरापारा में परंपरागत अष्टप्रहरी श्री हरिनाम यज्ञ संकीर्तन का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया।