"आधुनिक खेती" के लिए 31 परिणाम मिले
महासमुंद
किसान की सफलता : आधुनिक तकनीक अपनाकर महिला किसान ने रचा सफलता का नया मॉडल
महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के बरनाईदादर गांव की कृषक श्रीमती मीना पटेल ने आधुनिक उद्यानिकी खेती अपनाकर बड़ी सफलता हासिल की है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ग्राफ्टेड टमाटर की खेती, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक के उपयोग से उन्होंने एक एकड़ में लगभग 400 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया।
आधुनिक कृषि : तकनीकी खेती से आत्मनिर्भर बने किसान महेश कश्यप
छत्तीसगढ़ के बिल्हा क्षेत्र के किसान महेश कश्यप ने उद्यानिकी विभाग की सहायता और आधुनिक कृषि तकनीकों जैसे ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और जैविक खाद का उपयोग कर पारंपरिक खेती से आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाया। उन्होंने सब्जी उत्पादन विशेषकर बैंगन के साथ अंतरवर्ती फसलों की खेती कर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़ाई। इससे उनकी आय में दोगुनी वृद्धि हुई और वे अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
सफलता के लिए मेहनत : विद्यार्थियों की भविष्य की आकांक्षाओं पर मुख्यमंत्री की सराहना
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या और भविष्य की योजनाओं के बारे में जाना तथा उन्हें मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है और सफलता के लिए नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली बेहद जरूरी हैं। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और समर्पण से आगे बढ़कर सफलता हासिल की जा सकती है।
महासमुंद
कृषि संकल्प यात्रा : जैविक खेती, मिलेट्स और आधुनिक तकनीक पर किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
जिले में किसानों को आधुनिक और उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से विकसित कृषि संकल्प यात्रा की शुरुआत कलेक्ट्रेट परिसर से की गई। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने किसान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा 05 मई से 20 मई 2026 तक चलेगी, जिसमें रथ गांव-गांव जाकर किसानों को जैविक खेती, उन्नत बीज, कृषि यंत्रों, फसल चक्र परिवर्तन, मिलेट्स उत्पादन और सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी देगा।
ग्राफ्टेड टमाटर की खेती से किसान दुबेलाल बने सफल, कम लागत में मिला तीन लाख से अधिक का लाभ
महासमुन्द जिले के ग्राम बम्बुरडीह के किसान श्री दुबेलाल कोसरे ने उद्यानिकी विभाग की सहायता से आधुनिक खेती अपनाकर ग्राफ्टेड टमाटर की खेती की। उन्होंने ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और उन्नत पौधों का उपयोग करते हुए 0.40 हेक्टेयर भूमि में लगभग 16–18 टन प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त किया। टमाटर के अच्छे बाजार मूल्य से उन्हें करीब ₹3.09 लाख का लाभ हुआ, जो पारंपरिक धान की खेती से कई गुना अधिक है। उनकी इस सफलता से क्षेत्र के अन्य किसान भी आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़
बंजर जमीन बनी सोने की खान: किसान लक्ष्मीकांत साहू ने ऑयल पाम से लिखी सफलता की कहानी
पिथौरा विकासखंड के ग्राम बेलडीह के किसान लक्ष्मीकांत साहू ने बंजर भूमि पर ऑयल पाम की खेती शुरू कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और सरकारी योजना के तहत मिली सहायता से उन्होंने ड्रिप सिंचाई, बोरवेल और फेंसिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं अपनाईं। साथ ही अंतरवर्तीय फसल के रूप में बैंगन और करेला उगाकर अतिरिक्त आय प्राप्त की। बैंगन से ही उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। उनकी सफलता से आसपास के किसान भी आधुनिक खेती और ऑयल पाम की ओर प्रेरित हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़
ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से किसान बना मिसाल, कम जमीन में बड़ा मुनाफा
मुंगेली जिले के किसान बसदेव राजपूत ने 1 एकड़ में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती कर आधुनिक तकनीकों (ड्रिप इरिगेशन व मल्चिंग) की मदद से करीब 1.95 लाख रुपये की आय अर्जित की। लगभग 62 हजार की लागत के बाद उन्हें 1.33 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। सरकारी अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन से उनकी खेती सफल रही, जिससे आसपास के किसान भी प्रेरित हो रहे हैं।