"जल जीवन मिशन" के लिए 42 परिणाम मिले
राज्य सरकार
मिशन : बालोद और मोहला-मानपुर जिलों में योजनाओं का लाभ हर नागरिक तक पहुंचाना
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे, प्रधानमंत्री आवास योजना, सूर्यघर योजना, कृषि योजनाओं और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों को मिशन मोड में लागू करने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार
विकास कार्यों की समीक्षा : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिए सख्त निर्देश
सुकमा में आयोजित समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सड़क, पुल, भवन निर्माण, जल जीवन मिशन, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह कार्यशैली अपनाने तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार
पेयजल व्यवस्था : अधिकारियों ने सुधार कार्य तेज करने के दिए निर्देश
बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंघोला के आश्रित गांव सुकड़ीगुहान में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है। गांव में सोलर जलापूर्ति प्रणाली, आयरन रिमूवल प्लांट से जुड़ी टंकी और दो बोरवेल में स्थापित मोटर पंपों के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति की जा रही है।
राज्य सरकार
समीक्षा बैठक : मुख्यमंत्री साय ने समीक्षा बैठक में सुशासन और विकास कार्यों के निर्देश दिए
बेमेतरा में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासन को जनकेंद्रित, जवाबदेह और संवेदनशील बनाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की सफलता का असली आधार जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान है। बैठक में विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, राजस्व मामलों, पेयजल, स्वास्थ्य, कृषि और प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई।
राष्ट्रीय
दावों की खुली पोल : मुरैना के आदिवासी गांवों में बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, 45°C की तपिश में घड़ा ढो रही हैं महिलाएं
मुरैना के बहेरी समेत आसपास के पांच गांवों में जल संकट गंभीर रूप ले चुका है। गर्मी और मानसून दोनों मौसमों में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। कई बार उन्हें गंदे गड्ढों और नालों का पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
राज्य सरकार
बड़ा कदम : नियद नेल्ला नार 2.0 से माओवादी क्षेत्रों में पहुंचेगा योजनाओं का पूरा लाभ
छत्तीसगढ़ सरकार की नियद नेल्ला नार योजना 2.0 के तहत माओवादी प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में सभी पात्र ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ देने का अभियान शुरू किया जा रहा है। मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं के विस्तार पर चर्चा हुई।
रायपुर
भीषण गर्मी : ग्रामीणों के लिए राहत बनी पीएचई टीम, गांव-गांव पहुंचा रहा स्वच्छ पेयजल
जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय है। विभाग द्वारा खराब हैंडपंपों और पाइपलाइन समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत दूरस्थ गांवों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के साथ-साथ ग्रामीणों को जल संरक्षण और जनभागीदारी के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
रायपुर
बड़ा एक्शन : लापरवाही बरतने वाली कंपनियों के टेंडर निरस्त, EMD ज़ब्त और ब्लैकलिस्ट करने के आदेश
रायपुर जिले में जल जीवन मिशन के तहत लापरवाही बरतने और काम बीच में छोड़ने वाली 8 गांवों की निर्माण एजेंसियों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। उनके टेंडर रद्द कर दिए गए हैं, अनुबंध समाप्त किए गए हैं और EMD राशि जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इन एजेंसियों को भविष्य की परियोजनाओं के लिए ब्लैकलिस्ट करने का फैसला लिया गया है।
मिशन : अब हर घर तक पहुंच रहा स्वच्छ पेयजल
महासमुंद जिले के बसना विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत गणेशपुर में जल जीवन मिशन के तहत 127.47 लाख रुपये की लागत से पेयजल व्यवस्था विकसित की गई है। गांव में 40 किलोलीटर क्षमता की पानी टंकी और 1750 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर 130 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए गए हैं। पहले जहां ग्रामीणों को पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब हर घर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
भीषण गर्मी में राहत : गंगरेल डूबान क्षेत्र के कोसमी गांव में मिला भरपूर पानी
गंगरेल बांध के डूबान क्षेत्र के गांवों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। जल जीवन मिशन के तहत पीएचई विभाग ने ग्राम कोसमी में नया बोर खनन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिससे पेयजल संकट काफी हद तक दूर हो गया है। भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर के बीच प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया।
देश
प्यासे वादों की बलि चढ़ते रिश्ते : कोढ़वा गांव में जल संकट ने उजाड़े हँसते-खेलते परिवार, बहुओं ने किया मायके पलायन
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के कोढ़वा गांव में भीषण जल संकट ने लोगों का जीवन संकट में डाल दिया है। गांव के करीब 200 परिवार रोजाना पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जहां महिलाओं और बच्चों को सुबह 4 बजे से कई किलोमीटर दूर जाकर घंटों लाइन में लगना पड़ता है। पानी की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, महिलाएं बीमारियों का शिकार हो रही हैं और गांव का तालाब भी दूषित हो चुका है। हालात इतने खराब हैं कि कई बहुएं पानी की समस्या से परेशान होकर ससुराल छोड़ मायके लौट गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल टैंकर और नए बोरवेल की मांग की है, वरना गांव के खाली होने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
कार्यों की शुरुआत : सुशासन और विकास को मिली नई गति
मुंगेली जिले में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक लागत के 414 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 284 कार्यों का लोकार्पण और 130 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी।