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रायपुर
हड़ताल : विधायक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े, मारपीट विवाद से गरमाया छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट मामले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। घटना में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर आरोप लगे हैं। विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेश के तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
राज्य सरकार
राजस्व विभाग : मंत्री टंक राम वर्मा का औचक निरीक्षण, धीमे कामकाज पर अधिकारियों की लगी क्लास
मंत्री टंक राम वर्मा ने रायपुर तहसील कार्यालय और नवीन संभाग आयुक्त कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और डायवर्सन जैसे मामलों के धीमे निपटारे पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। मंत्री ने साफ-सफाई, फाइल प्रबंधन और राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश दिए।
महासमुंद
राजस्व विभाग : बिना रजिस्ट्री दस्तावेजों में हेरफेर कर आदिवासी जमीन का नामांतरण, आरोपी फरार
महासमुंद जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगरीपाली (कैलाशपुर) में आदिवासी भूमि के कथित फर्जी नामांतरण और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता जमुना बरिहा ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन को संदिग्ध तरीके से दूसरे व्यक्ति के नाम पर दर्ज कर आर्थिक लाभ लिया गया।
दुर्ग
VIDEO वायरल होते ही पटवारी सस्पेंड : जमीन बंटवारे के बदले लिए 45 हजार रुपए, जांच में खुद कबूली रकम लेने की बात
दुर्ग जिले के अहिवारा में जमीन बंटवारे के बदले 45 हजार रुपए लेने के आरोप में पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर को निलंबित कर दिया गया। वायरल वीडियो और जांच में रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
छत्तीसगढ़
मेरिट सूची गायब : कोटवार पद की भर्ती को लेकर ग्राम बिरकोनी में असमंजस की स्थिति, क्या होगा चयन का आधार?
महासमुंद तहसील के ग्राम पंचायत बिरकोनी में कोटवार पद की भर्ती प्रक्रिया हाईकोर्ट के आदेश के बाद चल रही है। कुल 18 लोगों ने आवेदन किया है, जिनका चरित्र सत्यापन पुलिस द्वारा किया जा रहा है। लेकिन अब तक कोई मेरिट सूची जारी नहीं की गई है, जिससे चयन के मानकों को लेकर असमंजस बना हुआ है। तहसील कार्यालय ने आवेदकों की सूची ग्राम पंचायत को भेजकर प्रस्ताव मांगा है, और अंतिम चयन पंचायत के निर्णय पर निर्भर होगा। ग्रामीणों और आवेदकों में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि चयन किन आधारों पर होगा यह स्पष्ट नहीं है। बैठक के बाद पंचायत द्वारा नाम प्रस्तावित किए जाएंगे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी।