"ब्लड प्रेशर" के लिए 45 परिणाम मिले
सेहत
ORS : पीने का सही तरीका जानिए, वरना बढ़ सकती हैं स्वास्थ्य समस्याएं
गर्मियों में डिहाइड्रेशन और कमजोरी से बचने के लिए ORS काफी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को तेजी से पूरा करता है। डॉक्टरों के अनुसार हल्की कमजोरी या ज्यादा पसीना आने पर दिन में 1 से 2 गिलास ORS पर्याप्त होता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा ORS पीना नुकसानदायक हो सकता है। इसमें मौजूद नमक और शुगर की अधिक मात्रा किडनी, ब्लड प्रेशर और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन पर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ORS को सामान्य एनर्जी ड्रिंक की तरह नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर ही सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए।
सेहत
हृदय रोग : बचाव के लिए कितनी जरूरी है एक्सरसाइज, फिटनेस लेवल बढ़ता है
नई रिसर्च के अनुसार सप्ताह में 560 से 610 मिनट तक एक्सरसाइज करने से हृदय रोगों का खतरा 30% तक कम हो सकता है। विशेषज्ञों ने इसे महत्वपूर्ण बताया, लेकिन 150 मिनट साप्ताहिक गतिविधि को अब भी जरूरी और लाभकारी माना है।
महासमुंद
भीषण गर्मी : सफाई मित्र बहनों की पीड़ा उजागर, 45 डिग्री तापमान में भी जारी
भीषण गर्मी और 44–45 डिग्री तापमान के बीच नगर पालिका की लगभग 117 सफाई मित्र बहनें डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का कार्य कर रही हैं। ये महिलाएं रोजाना 10 घंटे तक रिक्शा चलाकर 30 वार्डों से कचरा एकत्र कर मणिकंचन केंद्रों तक पहुंचाती हैं।तेज धूप और उबड़-खाबड़ रास्तों के कारण उन्हें स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, बावजूद इसके ड्यूटी जारी रखने की मजबूरी है।
सेहत
वेट लॉस : वजन घटाने के लिए क्या ज्यादा फायदेमंद,जानिए जीरा पानी और मेथी पानी में कौन बेहतर
सुबह खाली पेट जीरा पानी और मेथी पानी पीना इन दिनों वेट लॉस के लिए काफी लोकप्रिय हो रहा है। डाइटिशियन के अनुसार दोनों ड्रिंक्स वजन नियंत्रित करने में अलग-अलग तरीके से मदद करती हैं। जीरा पानी पाचन और मेटाबॉलिज्म सुधारने में सहायक माना जाता है, जबकि मेथी पानी भूख नियंत्रित करने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है।
रायपुर
गर्मी का रेड अलर्ट : नौतपा से पहले तपने लगा छत्तीसगढ़, अस्पतालों में उमड़ी मरीजों की भीड़
राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और हीट वेव का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंचने से लोग परेशान हैं और अस्पतालों में डायरिया, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन व बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मेकाहारा, एम्स और जिला अस्पतालों में बेड फुल होने की स्थिति बन गई है।
सेहत
औषधीय गुण : तनाव से नींद तक, केसर दूध के कई फायदे, ज्यादा पीना हो सकता है नुकसान
केसर वाला दूध स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद माना जाता है। यह इम्यूनिटी बढ़ाने, तनाव कम करने, बेहतर नींद लाने, पाचन सुधारने और शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकता है। वहीं इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि केसर का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि अधिक सेवन से एलर्जी, पेट संबंधी समस्याएं, ब्लड प्रेशर में बदलाव और शरीर में अत्यधिक गर्मी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
सेहत
हीटवेव अलर्ट : AIIMS की चेतावनी, लापरवाही पड़ सकती है भारी
18 से 23 मई तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और आसपास के कई इलाकों में भीषण लू और अत्यधिक गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है। AIIMS के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि तेज गर्मी के कारण हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को ज्यादा पानी, छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी और हल्का भोजन लेने की सलाह दी है, जबकि तला-भुना, मसालेदार भोजन और ज्यादा चाय-कॉफी से बचने को कहा है।
सेहत
महिलाओं : गंभीर हार्मोनल बीमारी PCOS अब PMOS कहलाएगी
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) का नाम अब बदलकर पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS) रखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह सिर्फ ओवरी की नहीं, बल्कि हार्मोन, मेटाबॉलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर स्थिति है। इसके लक्षणों में अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, मुंहासे, अनचाहे बाल और गर्भधारण में दिक्कत शामिल हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि सही खानपान, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और समय पर इलाज से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
सेहत
अनियमित खानपान : बढ़ रहीं बीमारियां, हेल्दी डाइट अपनाने की सलाह
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों का डेली फूड रूटीन तेजी से बिगड़ रहा है। देर रात खाना, सुबह नाश्ता छोड़ना, जंक फूड का अधिक सेवन और पर्याप्त पानी नहीं पीने जैसी आदतें लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अनियमित खानपान की वजह से मोटापा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और पेट संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह पौष्टिक नाश्ता, संतुलित दोपहर का भोजन और रात में हल्का खाना शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों ने लोगों को जंक फूड कम खाने, पर्याप्त पानी पीने, नियमित व्यायाम करने और घर का बना भोजन प्राथमिकता देने की सलाह दी है।
सेहत
इम्यूनिटी : बढ़ाने से लेकर शरीर को ऊर्जा देने तक, स्प्राउट्स हैं हेल्थ का पावरहाउस
स्प्राउट्स सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन गलत तरीके से खाने पर उल्टी, दस्त, गैस, पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार स्प्राउट्स को हमेशा अच्छी तरह धोकर, हल्का उबालकर और सीमित मात्रा में खाना चाहिए। वहीं सही तरीके से सेवन करने पर ये पाचन सुधारने, वजन घटाने, इम्यूनिटी बढ़ाने और शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं।
सेहत
याददाश्त : कमजोर होने के पीछे क्या हैं कारण? जानिए बचाव के तरीके
भारत में भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया और अल्जाइमर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार देश में लाखों बुजुर्ग इससे प्रभावित हैं। बढ़ती उम्र, तनाव, खराब जीवनशैली, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और नींद की कमी इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पहचान, नियमित व्यायाम, मानसिक गतिविधियां और संतुलित आहार से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बादाम, अखरोट, हरी सब्जियां, फल, दूध, मछली और ओमेगा-3 युक्त भोजन दिमाग को स्वस्थ रखने में मददगार माना जाता है।
सेहत
किडनी रोग का खतरा : 40 की उम्र के बाद इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
40 की उम्र के बाद किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है, जिससे क्रॉनिक किडनी डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारी शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं देती, इसलिए अक्सर देर से पता चलती है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, कम पानी पीना, ज्यादा नमक और दर्द निवारक दवाओं का अधिक उपयोग इसके प्रमुख कारण हैं। शुरुआती संकेतों में थकान, सूजन, पेशाब में बदलाव और रात में बार-बार पेशाब आना शामिल हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 40 के बाद नियमित किडनी जांच करानी चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है।