"ब्लड प्रेशर" के लिए 45 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
बस्तर की नई वैश्विक पहचान : जंगल के छिंद बीजों से तैयार हुई कैफीन-फ्री हर्बल कॉफी, कचरे से कंचन की अनोखी मिसाल
दंतेवाड़ा के युवा उद्यमी विशाल हालदार ने बस्तर के जंगलों में बेकार माने जाने वाले छिंद (खजूर प्रजाति) के बीजों से कैफीन-फ्री हर्बल कॉफी विकसित कर अनोखा नवाचार किया है। यह कॉफी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर और स्वास्थ्यवर्धक है, जो अनिद्रा, हाई ब्लड प्रेशर और एसिडिटी के मरीजों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। इस नवाचार को इनोवेशन महाकुंभ में प्रथम स्थान मिला है और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी इसे सराहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण है, बल्कि बस्तर में ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाएं भी खोल रहा है।
महासमुंद
सुशासन तिहार के अंतर्गत बागबाहरा के ग्राम परसूली में समाधान शिविर का आयोजन
प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत बागबाहरा विकासखंड के ग्राम परसूली में समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि रहे। शिविर में 19 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए और विभिन्न विभागों के स्टॉलों के माध्यम से समस्याओं का निराकरण किया गया। अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों की समीक्षा कर त्वरित समाधान के निर्देश दिए। मुख्य अतिथि ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और वात्सल्य योजना का उल्लेख करते हुए अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
सेहत
स्वास्थ्य संकट : जंक फूड और तनाव का असर, बढ़ती बीमारियों की सच्चाई
भारत में अब संक्रमण वाली बीमारियों की तुलना में लाइफस्टाइल और क्रॉनिक बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, जिनमें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, मोटापा, फैटी लिवर और थायरॉइड प्रमुख हैं। इसकी मुख्य वजहें गलत खानपान, जंक फूड, कम शारीरिक गतिविधि, तनाव और नींद की कमी हैं। ये समस्याएँ अब युवाओं में भी तेजी से दिख रही हैं। शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य लगते हैं, इसलिए लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर हेल्थ चेकअप से इन बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है।
सेहत
हृदय रोग : सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती, हार्ट अटैक और दिल की बीमारियां, जानें कारण और बचाव
हृदय रोग आज के समय में एक तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है, जिसका मुख्य कारण खराब जीवनशैली, असंतुलित आहार, तनाव, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान और मोटापा है। यह अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। इसके प्रमुख प्रकारों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, अरिदमिया और हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं, जो दिल की कार्यक्षमता को प्रभावित करती हैं। इसके शुरुआती लक्षणों में सीने में दर्द, सांस फूलना, थकान, चक्कर आना और अनियमित धड़कन शामिल हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
सेहत
बेड का संकट : रायपुर एम्स में गंभीर मरीजों को भी नहीं मिल रही जगह, रेफर के भरोसे इलाज
AIIMS Raipur में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव है। रोज़ हजारों मरीज OPD और इमरजेंसी में पहुंच रहे हैं, जबकि 1000 बेड क्षमता कम पड़ रही है। नतीजतन कई गंभीर मरीजों को भी बेड न मिलने पर अन्य अस्पतालों जैसे Dr. Bhimrao Ambedkar Memorial Hospital में रेफर किया जा रहा है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार समय पर इलाज न मिलने से स्थिति गंभीर हो जाती है। MRI, CT स्कैन जैसी जांचों के लिए लंबी कतारें और रिपोर्ट में देरी भी इलाज को प्रभावित कर रही हैं, जिससे मरीजों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है और खर्च बढ़ रहा है।
समाधान शिविर : 1166 आवेदनों पर कार्रवाई, 548 का मौके पर निराकरण
प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत महासमुंद विकासखंड के ग्राम बम्हनी में समाधान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 16 ग्राम पंचायतों से प्राप्त कुल 1166 आवेदनों पर कार्रवाई की गई। शिविर में 548 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया, जबकि शेष मामलों को समय-सीमा में निपटाने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। विधायक ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और विकास कार्यों के विस्तार पर जोर दिया।
सेहत
सलाह : गर्मी में सही व सेहतमंद खानपान और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन सबसे अहम
गर्मी के बढ़ते तापमान में शरीर तेजी से पानी और जरूरी मिनरल्स (इलेक्ट्रोलाइट्स) खो देता है, जिससे डिहाइड्रेशन, थकान, चक्कर और गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं है; सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। इससे बचाव के लिए नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और ORS जैसे पेय फायदेमंद हैं। तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसे पानी से भरपूर फल शरीर को ठंडा रखते हैं।
सेहत
सावधान : AC से धूप में कदम रख रहे हैं तो जानिए शरीर के अंदर क्या-क्या होगा और उससे कैसे बचें
एसी से सीधे धूप में जाना शरीर के लिए अचानक तापमान बदलाव का झटका होता है, जिससे दिल, दिमाग और रक्त वाहिकाएं प्रभावित होती हैं। चक्कर, थकान और डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ सकती है। धीरे-धीरे तापमान बदलें, पानी पिएं और सावधानी बरतकर इस असर से बचा जा सकता है।
महासमुंद
बागबाहरा में 5 से लगेगा 7 दिवसीय हेल्थ कैंप : बिना दवा एक्यूप्रेशर से मिलेगा राहत, विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे सेवा
बागबाहरा में 5-11 अप्रैल तक 7 दिवसीय एक्यूप्रेशर हेल्थ कैंप लगेगा, जहां बिना दवा विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा कई बीमारियों का उपचार किया जाएगा।