"वनांचल क्षेत्रों" के लिए 34 परिणाम मिले
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समीक्षा बैठक : बस्तर के विकास और सुशासन पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा और राजस्व प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि बस्तर संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों तक सभी शासकीय योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचे और नागरिकों को समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े।
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बड़ा कदम : नियद नेल्ला नार 2.0 से माओवादी क्षेत्रों में पहुंचेगा योजनाओं का पूरा लाभ
छत्तीसगढ़ सरकार की नियद नेल्ला नार योजना 2.0 के तहत माओवादी प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में सभी पात्र ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ देने का अभियान शुरू किया जा रहा है। मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं के विस्तार पर चर्चा हुई।
दशकों का अंधेरा खत्म : घने जंगलों के बीच चमका गारपा, 48 घरों तक पहुँची बिजली
छत्तीसगढ़ सरकार की “नियद नेल्लानार योजना” के तहत नारायणपुर जिले के सुदूर और दुर्गम ग्राम गारपा में पहली बार बिजली पहुँची है। करीब 55 लाख रुपये की लागत से 48 घरों को बिजली कनेक्शन दिया गया। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में वर्षों बाद विकास की यह बड़ी पहल ग्रामीणों के जीवन में नया उजाला लेकर आई है। अब बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाएं और ग्रामीणों के आर्थिक अवसर बेहतर होने की उम्मीद बढ़ गई है।
हर्बल उत्पाद : छत्तीसगढ़ की 55 हजार महिलाएं वन धन केंद्रों से जुड़कर बनीं आर्थिक रूप से मजबूत
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में संचालित 155 वन धन विकास केंद्र महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। इन केंद्रों से करीब 55 हजार महिलाएं जुड़कर लघु वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण और हर्बल उत्पाद निर्माण के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। पिछले पांच वर्षों में महिलाओं को करोड़ों रुपये का कमीशन और लाभांश प्राप्त हुआ है।
सिंगल विंडो मॉडल : सुकमा प्रशासन की पहल से दूरस्थ ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
सुकमा जिला प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में शुरू किए गए ‘सिंगल विंडो कक्ष’ ने ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराकर बड़ी राहत दी है। प्रभारी मंत्री केदार कश्यप द्वारा उद्घाटित इस व्यवस्था के माध्यम से राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, आयुष्मान कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज अब तेजी से बनाए जा रहे हैं। कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है। अब तक 3620 से अधिक नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं
सुशासन तिहार : आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती लखपति दीदी से करोड़पति दीदी तक की कहानी
कबीरधाम जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम लोखान के कमराखोल में ग्रामीणों और महिलाओं से संवाद किया। आम के पेड़ के नीचे हुई चौपाल में महिलाओं ने अपने संघर्ष और आत्मनिर्भर बनने की कहानियाँ साझा कीं। बिहान योजना से जुड़ी कई महिलाएं अब “लखपति दीदी” बन चुकी हैं और आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें और आगे बढ़कर “करोड़पति दीदी” बनने का लक्ष्य रखने के लिए प्रेरित किया।
बड़ी सौगात : छुईखदान उपकोषालय यथावत रखने की घोषणा, वनांचल क्षेत्र में विकास कार्यों को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छुईखदान के सरोधी (बकरकट्टा) में जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कई विकास कार्यों की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि छुईखदान का उपकोषालय (ट्रेजरी) यथावत रहेगा। चौपाल में सड़क, पुल, स्कूल भवन, पंचायत भवन, बिजली सब स्टेशन और एम्बुलेंस जैसी कई योजनाओं को मंजूरी दी गई। यह दौरा सरकार की जन-केंद्रित शासन व्यवस्था और मौके पर निर्णय लेने की नीति का उदाहरण माना गया, जिससे स्थानीय लोगों में सकारात्मक माहौल बना।
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विकास को रफ्तार, पोलमपल्ली–अरलमपल्ली पक्की सड़क से ग्रामीणों को बड़ी राहत
सुकमा जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सड़क निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। विशेष रूप से पोलमपल्ली से अरलमपल्ली तक 7 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण लगभग पूरा होने की ओर है, जिस पर 4 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। इस सड़क के बनने से कोंटा विकासखंड की दूरी करीब 15 किलोमीटर कम हो जाएगी और कई पूर्व नक्सल प्रभावित गांव सीधे मुख्य मार्ग से जुड़ जाएंगे।
बस्तर में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत : सुकमा में ‘अटल आरोग्य लैब’ का राज्यस्तरीय शुभारंभ
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने सुकमा जिला अस्पताल में ‘अटल आरोग्य लैब’ का शुभारंभ किया, जिसके तहत प्रदेश के 1046 स्वास्थ्य केंद्रों में 133 प्रकार की जांचें मुफ्त उपलब्ध होंगी। डिजिटल सिस्टम के जरिए रिपोर्ट SMS और WhatsApp से मिलेगी, जिससे इलाज तेज और सुलभ होगा।
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छत्तीसगढ़ में तेंदुलकर परिवार : अचानकमार टाइगर रिजर्व में अचानक पहुंचीं सचिन की पत्नी और बेटियों ने जंगलों की नमी में घुली संवेदनाओं को किया महसूस
सचिन के परिवार का छत्तीसगढ़ दौरा एक औपचारिक कार्यक्रम से कहीं आगे जाकर मानवीय संवेदनाओं का जीवंत उदाहरण बन गया। दो दिनों तक चला यह प्रवास पूरी तरह गोपनीय रखा गया, लेकिन इसकी सादगी और आत्मीयता ने इसे विशेष बना दिया। अंजलि तेंदुलकर, सारा तेंदुलकर और सानिया चंडोक तेंदुलकर ने मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुदूर वनांचल क्षेत्रों का दौरा किया और वहां के जनजीवन को करीब से समझा।