"कृषि विभाग" के लिए 133 परिणाम मिले
रायपुर
किसानों के लिए अलर्ट : 31 जुलाई तक कराएं फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा में मिलेगा मुआवजा
खरीफ सीजन 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की गई है। जिला प्रशासन ने किसानों से समय रहते बीमा कराने की अपील की है, ताकि प्राकृतिक आपदा या फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता मिल सके। योजना के तहत कई खरीफ फसलों का बीमा बैंक, वित्तीय संस्थान और सीएससी केंद्रों के माध्यम से कराया जा सकता है।
राज्य सरकार
सुशासन तिहार का असर : किसान को मिली आधुनिक खेती की सौगात, धान रोपाई मशीन से आसान होगी खेती
सुशासन तिहार-2026 के तहत मरवाही के किसान विनय अभिषेक सिंह को कृषि विभाग ने अनुदान पर आधुनिक धान रोपाई मशीन उपलब्ध कराई है। इससे खेती में समय और लागत दोनों की बचत होगी।
राज्य सरकार
कृषि नवाचार को मिली नई उड़ान : प्रगतिशील किसान भानुप्रताप ने जुगाड़ तकनीक से तैयार की सीड ड्रिल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के किसान भानुप्रताप उर्फ भानु रंगीला ने जुगाड़ तकनीक से पारंपरिक कृषि उपकरण को सीड ड्रिल में बदलकर कम लागत में वैज्ञानिक खेती का उदाहरण पेश किया है। उनके इस नवाचार से मूंगफली की बुवाई में समय, श्रम और बीज की बचत हो रही है।
महासमुंद
दलहन खेती को बढ़ावा : महासमुंद में किसानों को बांटे गए उड़द के उन्नत बीज, फसल विविधीकरण पर जोर
महासमुंद जिले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर दलहन योजना के तहत किसानों को उन्नत किस्म के उड़द बीज वितरित किए गए। कृषि विभाग ने किसानों को दलहन खेती, बीज उपचार और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देकर धान के साथ अन्य फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
राज्य सरकार
कृषि यंत्रीकरण योजना बनी सहारा : बिलाईगढ़ के किसान को मिला ट्रैक्टर पर 4 लाख अनुदान
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ विकासखंड के किसान तिहारूराम चंद्रा को कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत 4 लाख रुपए का अनुदान मिला। सुशासन शिविर में प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने उन्हें नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी।
राज्य सरकार
बड़ी पहल : बस्तर की जैविक खेती को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार, सरकार ने शुरू की तैयारी
बस्तर संभाग के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने पहल शुरू की है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर के गांवों का सर्वे कर जैविक प्रमाणन कराने और किसानों को बड़े बाजारों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। प्रमाणन के बाद किसानों को उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने और आय में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
राज्य सरकार
रोजगार का नया अवसर : सुकमा में आत्मसमर्पित युवाओं को दिया मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में आत्मसमर्पित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग के 15 दिवसीय कार्यक्रम में 25 युवाओं ने वैज्ञानिक खेती और स्वरोजगार की तकनीक सीखी।
महासमुंद
कृषि संवाद : जन चौपाल में किसानों को मिला खेती सुधार का संदेश, बांटे उड़द बीज किट
महासमुंद विकासखंड के ग्राम पंचायत परसदा में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने किसानों को उड़द बीज किट वितरित किए। इस दौरान किसानों को फसल विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीक, एग्रीस्टैक पंजीयन, पीएम किसान योजना और शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को दलहन-तिलहन फसलों को बढ़ावा देने, मृदा परीक्षण और मौसम आधारित खेती अपनाने की सलाह दी।
राज्य सरकार
जागरूकता : नैनो उर्वरकों से बदलेगी खेती की तस्वीर, जिले के किसानों का बढ़ा भरोसा
महासमुंद जिले में 10 हजार से अधिक किसान नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग कर आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। कृषि विभाग और इफको के जागरूकता अभियान से किसानों का रुझान बढ़ा है। वहीं, खेत बचाओ अभियान के तहत 71 किसानों ने 220 क्विंटल नील हरित काई तैयार कर प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया है।
राज्य सरकार
आत्मनिर्भर : महासमुंद के किसानों को मिले उन्नत बीज, वैज्ञानिकों ने सिखाए खेती के नए तरीके
कृषि विज्ञान केन्द्र महासमुंद ने आत्मनिर्भर दलहन मिशन योजना के तहत किसानों को अरहर, उड़द और मूंगफली के उन्नत बीज वितरित किए। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने फसल विविधीकरण, बीज उपचार, मृदा परीक्षण, जैव उर्वरक और आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी देकर किसानों को आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
महासमुंद
समय-सीमा बैठक: कलेक्टर का फोकस, बाढ़ से लेकर कुपोषण तक की हुई समीक्षा
जिले की समय-सीमा बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मानसून तैयारियों, बाढ़ राहत, स्वास्थ्य सेवाओं, कुपोषण उन्मूलन और खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित शिकायतों का समयबद्ध निराकरण और किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार
कृषि-वनीकरण : अबूझमाड़ में कॉफी आधारित एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल पर काम, किसानों को मिलेगी नई आजीविका
छत्तीसगढ़ सरकार ने अबूझमाड़ में कॉफी की वैज्ञानिक खेती की संभावनाओं का अध्ययन शुरू किया है। भारतीय कॉफी बोर्ड और जिला प्रशासन मिलकर इस परियोजना पर काम कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। भविष्य में कुछ क्षेत्रों में चाय की खेती की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।