"सांस्कृतिक कार्यक्रम" के लिए 62 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
खल्लारी मेला : उमड़ी आस्था की भीड़, मौत का कुआं और झूला रहा सबसे बड़ा आकर्षण
महासमुंद के खल्लारी मंदिर में आयोजित चैत्र पूर्णिमा मेला 4 दिन बाद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मन्नतें मांगी। मौत का कुआं, आधुनिक झूले और सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहे, वहीं प्रशासन की व्यवस्थाओं के बीच पूरा आयोजन सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
महासमुंद
अनुशासन छात्राओं के विकास को बुद्धि, शरीर, चरित्र और सामाजिक संबंध की ओर समान रूप से बढ़ा रहा है आगे
पिथौरा पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास छात्राओं के अनुशासन, आत्मनिर्भरता और समग्र विकास का केंद्र बन चुका है। दिनचर्या में सुबह की प्रार्थना, योग, व्यायाम, समय पर कक्षाएँ, खेल-कूद और स्वाध्ययन शामिल हैं, जिससे जीवन में उद्देश्य और संतुलित विकास होता है।