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छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान : सुकमा में 1.54 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी, 4990 मरीज चिन्हित
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। अब तक 1,54,157 लोगों की जांच पूरी हो चुकी है और 4,990 मरीज गंभीर बीमारियों के लिए चिन्हित किए गए हैं। नियद नेल्लानार क्षेत्र के 39 मरीजों को जिला अस्पताल लाकर उपचार, मोतियाबिंद ऑपरेशन, चश्मा वितरण और विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंद मरीजों को समय पर इलाज और सुरक्षित वापसी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
सेहत
किडनी रोग का खतरा : 40 की उम्र के बाद इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
40 की उम्र के बाद किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है, जिससे क्रॉनिक किडनी डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारी शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं देती, इसलिए अक्सर देर से पता चलती है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, कम पानी पीना, ज्यादा नमक और दर्द निवारक दवाओं का अधिक उपयोग इसके प्रमुख कारण हैं। शुरुआती संकेतों में थकान, सूजन, पेशाब में बदलाव और रात में बार-बार पेशाब आना शामिल हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 40 के बाद नियमित किडनी जांच करानी चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है।
कोरबा
सड़क हादसा : तेज रफ्तार ट्रेलर ने ली बुजुर्ग महिला की जान, दो बच्चे बाल-बाल बचे
पसान थाना क्षेत्र के लैंगा-जटगा मुख्य मार्ग पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। कोयले से भरा तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर सामने जा रही बाइक पर पलट गया। इस हादसे में बाइक सवार 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला बालकुंवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद दो पोते मामूली रूप से घायल हो गए। बताया गया कि महिला अपने दोनों पोतों के साथ इलाज कराकर घर लौट रही थीं, तभी घाटी क्षेत्र में यह हादसा हो गया। ट्रेलर पलटते ही तीनों लोग कोयले के ढेर में दब गए, जिन्हें राहगीरों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
सेहत
महिलाओं की सेहत पर खतरा : जानें प्रमुख बीमारियां और बचाव के आसान उपाय
महिलाओं का स्वास्थ्य कई कारकों जैसे हार्मोनल बदलाव, जीवनशैली, पोषण और मानसिक तनाव से प्रभावित होता है। एनीमिया, हार्मोनल असंतुलन, मासिक धर्म की समस्याएं, यूटीआई, हड्डियों की कमजोरी और मानसिक तनाव आम स्वास्थ्य समस्याएं हैं। विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी, स्वच्छता और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से इन समस्याओं से बचाव किया जा सकता है और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित किया जा सकता है।
सेहत
नाभि में तेल लगाने का ट्रेंड : कौन सा तेल किस काम आता है और क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
सोशल मीडिया पर नाभि में तेल लगाने का घरेलू नुस्खा तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। माना जाता है कि इससे त्वचा को नमी और आराम मिल सकता है, हालांकि विशेषज्ञ इसे मेडिकल इलाज नहीं मानते। अरंडी, नारियल, तिल, बादाम और सरसों जैसे अलग-अलग तेलों का उपयोग त्वचा की जरूरत के अनुसार किया जाता है। सही तरीके और सावधानियों के साथ ही इसका इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
सेहत
बांग्लादेश : खसरे का भयानक प्रकोप,खसरा बना जानलेवा संकट, हजारों मासूम अस्पतालों में भर्ती, स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव
बांग्लादेश में खसरा का प्रकोप गंभीर स्वास्थ्य संकट बन गया है। हजारों बच्चे संक्रमित होकर अस्पतालों में भर्ती हैं और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम टीकाकरण, जागरूकता की कमी और शुरुआती लक्षणों की अनदेखी संक्रमण फैलने की बड़ी वजह है।खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जिसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, आंखों में लालिमा और शरीर पर लाल दाने शामिल हैं। डॉक्टरों ने समय पर टीकाकरण, साफ-सफाई और संक्रमित लोगों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। वहीं सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां टीकाकरण अभियान तेज कर संक्रमण रोकने की कोशिश में जुटी हैं।
विदेश
क्रूज़ पर मौत का साया : MV हॉन्डियस में फैले हंटावायरस ने 23 देशों में बढ़ाई दहशत, जानिए कैसे फैल रही यह बीमारी
ऐंटार्कटिका की लक्ज़री यात्रा पर निकले क्रूज़ शिप ‘MV हॉन्डियस’ में रहस्यमयी बीमारी ने यात्रियों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया। शुरुआती जांच में ‘ऐंडीज़ हंटावायरस’ संक्रमण की आशंका जताई गई है, जो चूहों से फैलने वाला दुर्लभ लेकिन घातक वायरस माना जाता है। जहाज़ पर कई यात्रियों में बुखार और सांस संबंधी समस्याएं सामने आने के बाद तीन लोगों की मौत की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अब विभिन्न देशों में लौट चुके यात्रियों की ट्रैकिंग और स्वास्थ्य जांच तेज कर दी गई है।
विदेश
मेक्सिको के मेला मैदान में भीषण आग : 5 की मौत, कई घायल,अचानक लगी आग ,मची भगदड़, राहत कार्य जारी
मेक्सिको के एक मेला मैदान में अचानक लगी भीषण आग ने बड़े हादसे का रूप ले लिया, जिसमें अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। आग तेजी से फैलने के कारण मौके पर भगदड़ मच गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या ज्वलनशील सामग्री को संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक वजह की पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं और मामले की उच्च स्तरीय जांच जारी है।
छत्तीसगढ़
ट्रक की चपेट में आई बाइक : पति-पत्नी की मौत, 4 साल का बेटा गंभीर; सड़क जाम कर भड़के ग्रामीण
कबीरधाम के कुण्डा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दंपती को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई। हादसे में उनका 4 साल का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए चक्काजाम कर प्रदर्शन किया।
छत्तीसगढ़
वारदात: मां की हत्या करने वाले बेटे को उम्रकैद, बिलासपुर अदालत का कड़ा फैसला
रायगढ़
प्यास ने छीनी जिंदगी : पानी की तलाश में बस्ती पहुंचे कोटरी, कुत्तों के हमले से मौत
रायगढ़ के चिराईपानी जंगल क्षेत्र में भीषण गर्मी और जलसंकट के बीच एक कोटरी (हिरण प्रजाति) पानी की तलाश में भटककर रिहायशी इलाके में पहुंच गई। वहां आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों ने उसे बचाकर वन विभाग को सौंपा, जहां इलाज के बाद उसे वापस जंगल में छोड़ा गया। हालांकि, अत्यधिक डर और तनाव के कारण “कैप्चर मायोपैथी” विकसित होने से उसकी मौत हो गई। वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया। यह घटना जंगलों में पानी की कमी और वन्यजीव संरक्षण की गंभीर चुनौती को उजागर करती है।
शिक्षा
स्वास्थ्य ढांचे में बड़ी क्रांति : द्वारका में बनेगा अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल कॉलेज, सीएम ने दी 806 करोड़ की मंजूरी
दिल्ली सरकार ने द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में ₹805.99 करोड़ की लागत से एक आधुनिक मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल परियोजना को मंजूरी दी है। इस कॉलेज में शुरुआत 150 MBBS छात्रों से होगी और बाद में हर साल 250 सीटें उपलब्ध होंगी। परियोजना NMC मानकों के अनुसार विकसित की जाएगी और इसमें स्मार्ट, ग्रीन तथा भूकंपरोधी सुविधाएं होंगी। इससे द्वारका और बाहरी दिल्ली के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी तथा अस्पताल में डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी।