"स्वास्थ्य सुविधा" के लिए 115 परिणाम मिले
कांकेर (उत्तर बस्तर)
विवाद : प्रसूता और नवजात की मौत से हड़कंप स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोली
भानुप्रतापपुर (कांकेर) में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक आदिवासी महिला और उसके नवजात शिशु की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर इलाज और उचित देखरेख नहीं मिली, साथ ही सोनोग्राफी मशीन खराब होने और एम्बुलेंस सुविधा न मिलने से उन्हें निजी केंद्र जाना पड़ा।
रायपुर
नई क्रांति : बालको मेडिकल सेंटर ने रोबोटिक सर्जरी और एकीकृत ऑन्कोलॉजी से बदली इलाज की तस्वीर
मध्य भारत में कैंसर उपचार को लेकर लंबे समय से मौजूद चुनौतियों को अब आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से काफी हद तक कम किया जा रहा है। BALCO Medical Centre ने क्षेत्र में एकीकृत ऑन्कोलॉजी मॉडल विकसित कर मरीजों को एक ही स्थान पर मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन कैंसर उपचार उपलब्ध कराया है। पिछले आठ वर्षों में अस्पताल ने हजारों मरीजों का इलाज किया है, बड़ी संख्या में सर्जरी की हैं और कैंसर की शुरुआती पहचान को भी बढ़ावा दिया है। हाल ही में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर की शुरुआत से जटिल कैंसर ऑपरेशन अधिक सुरक्षित, सटीक और कम दर्द वाले हो गए हैं।
जगदलपुर (बस्तर)
बड़ी सौगात : अब बस्तर में नहीं भटकेंगे मरीज, जगदलपुर में शुरू हुई सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवा
जगदलपुर में बस्तर संभाग के लिए अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू किया गया, जिसका वर्चुअल उद्घाटन Amit Shah ने Vishnu Deo Sai की मौजूदगी में किया। यह अस्पताल प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत विकसित हुआ है और इसमें आधुनिक उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टर तथा उन्नत इलाज सुविधाएं उपलब्ध होंगी। NMDC Limited ने इसके संचालन के लिए ₹25 करोड़ की सहायता दी है और अगले पांच वर्षों तक आर्थिक सहयोग देने का वादा किया है। अस्पताल की खास बात यह है कि बस्तर के गरीब, आदिवासी और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क इलाज मिलेगा। इससे लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए रायपुर या अन्य बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी। यह परियोजना बस्तर के स्वास्थ्य ढांचे और समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विदेश
आफ्रिका : WHO की बड़ी चेतावनी, कांगो में इबोला बना वैश्विक खतरा
अफ्रीका में इबोला वायरस के नए प्रकोप ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। अब तक 80 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं। संक्रमण के फैलते खतरे को देखते हुए World Health Organization ने इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, “बुंडीबुग्यो स्ट्रेन” नामक दुर्लभ और खतरनाक वायरस इसके पीछे जिम्मेदार है, जिसके लिए फिलहाल कोई प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। संक्रमण कांगो से पड़ोसी देशों तक पहुंचने लगा है, जिसके बाद अफ्रीका के कई देशों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
पंचकर्म बना वरदान : लंबे समय से माइग्रेन से परेशान महिला को सुकमा में आयुर्वेद से मिली नई जिंदगी
सुकमा की 39 वर्षीय सीमा सिंह पिछले पाँच वर्षों से माइग्रेन से परेशान थीं और कई बड़े शहरों में इलाज कराने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। बाद में उन्होंने सुकमा के आयुष स्पेशलिटी क्लिनिक में आयुर्वेदिक उपचार और पंचकर्म, विशेषकर शिरोधारा, करवाया जिससे उनके दर्द में उल्लेखनीय सुधार हुआ। लेख में जिला प्रशासन की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की पहल का भी उल्लेख है, जिसके तहत अस्पताल में बुनियादी सुविधाएँ बढ़ाई गईं और नियमित आयुष उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार देकर पुनर्वास की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं। कुल मिलाकर यह कहानी सुकमा में आयुष चिकित्सा और प्रशासनिक प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक पुनर्वास में आए बदलाव को दर्शाती है।
महासमुंद
सुशासन तिहार : मुढ़ीपार शिविर में मंत्री दयाल दास बघेल ने अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत मुढ़ीपार में समाधान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद रूपकुमारी चौधरी और विधायक संपत अग्रवाल शामिल हुए। शिविर में 18 ग्रामों से पहुंचे ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों में 1600 से अधिक आवेदन प्रस्तुत किए, जिनका मौके पर निराकरण किया गया। इस दौरान किसानों के लिए खाद उपलब्धता, आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया गया।
दुर्ग
गुपचुप का ज़हर : उल्टी-दस्त से 54 बीमार, एक की मौत, ग्राउंड जीरो पर पहुँचे पूर्व CM बघेल
बेलौदी में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग और डायरिया के प्रकोप से 54 ग्रामीण बीमार हो गए, जबकि एक महिला सरस्वती निषाद की मौत हो गई। रविवार के साप्ताहिक हाट बाजार में गुपचुप-चाट खाने के बाद ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने लगी। 16 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं और गांव में स्वास्थ्य विभाग का 24 घंटे का मेडिकल कैंप लगाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने गांव पहुंचकर पीड़ितों और मृतका के परिजनों से मुलाकात की तथा बेहतर इलाज के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य पदार्थों और जल स्रोतों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
हाई कोर्ट के दरवाजे पर : हर बारिश में थम जाती है गांव की जिंदगी, मांगा जवाब
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के परसापानी और बंगला भाटा गांवों में सड़क और पुल की सुविधा नहीं होने का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। ग्रामीणों ने याचिका दायर कर बताया कि बारिश के मौसम में गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा और खेती-बाड़ी प्रभावित होती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है और सरकार से जवाब तलब किया है।
शिक्षा
बंपर भर्ती : छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में 5 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 175 पदों पर आवेदन शुरू
छत्तीसगढ़ सरकार 5 नए मेडिकल कॉलेज (दंतेवाड़ा, कवर्धा, मनेंद्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी) शुरू करने के लिए 175 संविदा पदों पर भर्ती कर रही है। इसमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर और जूनियर रेजिडेंट सहित मेडिकल और नॉन-मेडिकल स्टाफ शामिल हैं। वेतन ₹1 लाख से ₹2.25 लाख प्रति माह तक होगा, और डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस की अनुमति भी दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 6 मई से 13 मई तक चलेगी और इंटरव्यू 15–16 मई को रायपुर में होंगे। यह भर्ती राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए की जा रही है।
राज्य सरकार
मोटरसाइकिल पर कलेक्टर-एसपी : गोंडेरास-नीलावाया में जमीनी चौपाल से बदली प्रशासन की तस्वीर
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुशासन तिहार 2026 के तहत कलेक्टर अमित कुमार और एसपी किरण चव्हाण ने 30 किमी दुर्गम और जंगली रास्ता मोटरसाइकिल से तय कर गोंडेरास और नीलावाया गांवों का दौरा किया। उन्होंने इमली के पेड़ के नीचे और जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और समस्याओं का तत्काल समाधान किया। कई योजनाओं के तहत दस्तावेज मौके पर ही जारी किए गए, सोलर सिस्टम मरम्मत के आदेश दिए गए और विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई। नीलावाया में पुलिया निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्देश भी दिए गए। यह दौरा “कागजी नहीं, धरातली सुशासन” की पहल का प्रतीक बना।
मेडिकल कॉलेज की स्थापना की तैयारियाँ तेज, वैकल्पिक भवन और भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में
जांजगीर-चांपा जिले में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैकल्पिक भवन के रूप में लाइवलीहुड कॉलेज और हॉस्टल को तैयार किया जा रहा है, जबकि जिला अस्पताल को 220 बिस्तरों की क्षमता के अनुरूप मजबूत किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के लिए डीन की नियुक्ति हो चुकी है और स्टाफ भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। एनएमसी निरीक्षण के बाद एमबीबीएस प्रथम बैच शुरू करने की तैयारी है।
शिक्षा
नया खतरा : असंतुलित गर्मी और सर्दी से गर्भ में ही प्रभावित हो रही हमारी आने वाली पीढ़ी की औसत हाईट
जलवायु परिवर्तन अब मौसम का संकट नहीं, मानव विकास पर भी असर डाल सकता है। नए शोध बताते हैं कि बढ़ती गर्मी और नमी गर्भ में पल रहे बच्चों की वृद्धि को प्रभावित कर सकती है, जिससे भविष्य में औसत लंबाई घटने का खतरा पैदा हो रहा है।