"भारतीय रक्षा क्षेत्र" के लिए 7 परिणाम मिले
रक्षा
BrahMos NG Missile: 2028 तक तैयार हो सकता है ब्रह्मोस का नया वर्जन, जानिए क्या होगा खास
BrahMos NG Missile: भारत और रूस की संयुक्त परियोजना BrahMos-NG का पहला प्रोटोटाइप 2027-28 तक तैयार करने का लक्ष्य है। यह मिसाइल मौजूदा ब्रह्मोस की तुलना में छोटी, हल्की और आधुनिक तकनीक से लैस होगी। इसका शुरुआती फोकस भारतीय वायुसेना के लिए एयर-लॉन्च वर्जन विकसित करना है।
रक्षा
India Russia Defence Deal: भारत को मिल सकता है Su-57E फाइटर जेट, रूस ने दिया 140 विमानों का प्रस्ताव
India Russia Defence Deal: रूस ने भारत को 140 Su-57E पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट देने का प्रस्ताव दिया है। इसमें HAL के नासिक प्लांट में विमानों के उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण की पेशकश शामिल है। हालांकि, इस सौदे पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
विदेश
India Defense Production: मिसाइल सेक्टर में प्राइवेट एंट्री से बौखलाया पाकिस्तान, इस्लामाबाद के थिंक-टैंक ने जताई गहरी चिंता
India Defense Production: भारत में DRDO और ISRO की तकनीकों को निजी कंपनियों तक पहुंच देने से रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ रही है। पाकिस्तान के रणनीतिक विशेषज्ञ इसे दक्षिण एशिया के सुरक्षा संतुलन और हथियारों की प्रतिस्पर्धा के लिए महत्वपूर्ण बदलाव मान रहे हैं।
रक्षा
बड़ी खबर : भारतीय वायुसेना आखिर क्यों खरीद रही है ब्रिटेन से कबाड़ हो चुके जगुआर विमान? जानिए इसके पीछे का मास्टरप्लान
भारतीय वायुसेना (IAF) ब्रिटेन से 9 पुराने SEPECAT Jaguar लड़ाकू विमान खरीदने जा रही है, लेकिन इनका इस्तेमाल उड़ान भरने के लिए नहीं किया जाएगा। इन विमानों को मुख्य रूप से स्पेयर पार्ट्स के स्रोत के रूप में खरीदा जा रहा है ताकि भारतीय वायुसेना के मौजूदा Jaguar बेड़े को लंबे समय तक ऑपरेशनल रखा जा सके।
रक्षा
भारत की नई ताकत : लद्दाख की चोटियों पर मेड इन इंडिया का दम, मिनटों में सेना तक सामान
अहमदाबाद स्थित ड्रोन स्टार्टअप Bajrang UAV Private Limited ने लद्दाख के शिंकुला टॉप पर अपने स्वदेशी हैवी-लिफ्ट ड्रोन PX4P2300 का सफल परीक्षण कर भारतीय रक्षा क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। इस ड्रोन ने 16,400 फीट की ऊंचाई पर 30 किलोग्राम पेलोड उठाकर कठिन मौसम और पतली हवा में स्थिर उड़ान भरी।
विदेश
भारत-दक्षिण कोरिया : रक्षा साझेदारी का नया अध्याय, अगली पीढ़ी के हथियारों पर साथ काम करेंगे दोनों देश
भारत और दक्षिण कोरिया ने रक्षा सहयोग को नई रणनीतिक दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh के सियोल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच लेजर हथियार, गाइडेड एनर्जी वेपन्स, मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस सैन्य तकनीकों के संयुक्त विकास व उत्पादन को लेकर महत्वपूर्ण समझौते हुए। विशेषज्ञ इसे भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सामरिक राजनीति के लिहाज से बेहद अहम मान रहे हैं।
विदेश
ब्रह्मोस : चीन की बढ़ेगी टेंशन, वियतनाम करेगा तैनाती
Vietnam भारत से BrahMos missile खरीदने की तैयारी कर रहा है, जिससे दक्षिण चीन सागर में China की चिंता बढ़ सकती है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है, जिसे भारत और रूस ने मिलकर विकसित किया है। इसकी तेज गति, सटीक निशाना और दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने की क्षमता इसे बेहद खतरनाक बनाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वियतनाम इन मिसाइलों को अपने तटीय इलाकों में तैनात करता है, तो चीन की नौसैनिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ सकता है। भारत के लिए यह सौदा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक ताकत बढ़ाने और रक्षा निर्यात मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।