छत्तीसगढ़
धान का कटोरा: घने जंगल, ऊँचे जलप्रपात, प्राचीन मंदिर और इस्पात-कोयले की धरती
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महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: रायपुर में कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, परिसीमन बना बड़ा मुद्दा
महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। दोनों दलों के रुख ने इस मुद्दे को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है, जिससे आने वाले समय में यह बहस और तीखी होने के संकेत मिल रहे हैं।
सामाजिक चिंतन : सद्भाव में है छत्तीसगढ़ की पहचान, सर्व समाज को एकजुट होने का आह्वान
छत्तीसगढ़ की असली ताकत उसकी सामाजिक एकता में निहित है। यदि सभी समाज मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो कोई भी बाहरी या आंतरिक चुनौती इस एकता को कमजोर नहीं कर सकती। आज आवश्यकता है कि हम अपने पुराने मूल्यों को याद करें और मिल-जुलकर एक ऐसे छत्तीसगढ़ का निर्माण करें, जहां सद्भाव, सहयोग और सम्मान सर्वोपरि हों।
वेदांता प्लांट हादसा: मृतकों की संख्या बढ़ी, अब तक 20 की मौत, दर्जनों घायल, मुआवजे और जांच के आदेश
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 36 मजदूर घायल हुए हैं। कई घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पोस्टमॉर्टम और पहचान की प्रक्रिया में देरी के कारण परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और एक नौकरी देने, जबकि घायलों को 15 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके अलावा सरकार और PMNRF से भी आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
अक्षय तृतीया पर चाक की रफ्तार तेज, मिट्टी की मूर्तियों और बर्तनों की बढ़ी मांग
अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर मिट्टी के बर्तनों और मूर्तियों की मांग तेजी से बढ़ जाती है, जिसके चलते कुम्हार समुदाय 15–20 दिन पहले से तैयारी में जुट जाता है। काली मिट्टी को आकार देकर, सुखाकर, भट्टी में पकाकर और फिर रंग-रोगन कर तैयार किया जाता है। इस अवसर पर गुड्डा-गुड़िया, कलश और देवी-देवताओं की मूर्तियों की विशेष मांग रहती है। परंपरागत मान्यताओं और धार्मिक आस्था के कारण आज भी मिट्टी के उत्पादों का महत्व बना हुआ है, जो कुम्हारों की आजीविका और सांस्कृतिक विरासत दोनों को संजोए रखता है।
मेरा गांव : प्रकृति, परंपरा और परिवर्तन के बीच संतुलन साधता जीवंत गांव कौंदकेरा
कौंदकेरा एक ऐसा गांव है, जहां प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक भावना का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। यह गांव जहां अपनी परंपराओं से शक्ति प्राप्त करता है, वहीं आधुनिक चुनौतियों से जूझ भी रहा है। आवश्यकता है संतुलित विकास और सामाजिक जागरूकता की, ताकि यह गांव अपनी पहचान को बनाए रखते हुए भविष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सके।
FIR से बढ़ा तनाव : पुरुषोत्तमपुर में दान की जमीन पर कब्जे का आरोप
पुरुषोत्तमपुर गांव में दान की गई सार्वजनिक जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने जेसीबी से स्कूल, आंगनबाड़ी और सड़क से जुड़ी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया।
आशा भोसले : सुरों की वह नदी, जो आठ दशकों तक संगीत प्रेमियों के दिलों में बहती रही
आठ दशक, एक लंबा समय। लेकिन आशा भोसले के लिए यह केवल समय नहीं था, यह एक निरंतर बहती हुई सुरों की नदी थी। 12 हजार से अधिक गीत, 20 से ज्यादा भाषाएं, अनगिनत रंग और भावनाएं। यह सिर्फ उपलब्धि नहीं, यह संवेदनाओं का महासागर है, जिसमें हर पीढ़ी ने अपने हिस्से की खुशियां, दर्द और प्रेम खोजा। ‘दम मारो दम’ की बेपरवाही, ‘इन आंखों की मस्ती’ की नजाकत, ‘पिया तू अब तो आजा’ की शरारत, हर गीत में उन्होंने सिर्फ शब्द नहीं गाए, उन्होंने जिंदगी को स्वर दिया।
खट्टी जंगल मर्डर मिस्ट्री : पढ़िए, अपमान का बदला लेने कैसे दोस्तों ने ही रची साजिश और किस बेरहमी से की हत्या
करीब एक माह पहले शराब पार्टी के दौरान मृतक ने नशे में उन्हें मां-बहन की गालियां दी थीं। इसी अपमान का बदला लेने के लिए उन्होंने हत्या की योजना बनाई। 5 अप्रैल को आरोपियों को पता चला कि प्रकाश पटेल खैरा गांव के गायत्री मंदिर के पास है। तीनों स्प्लेंडर बाइक से पहुंचे, पहले जमकर मारपीट की और फिर उसे जबरन खट्टी जंगल ले गए। वहां कांच की बोतल और पत्थर से हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि छोटी-सी कहासुनी और नशे में किया गया अपमान किस तरह जानलेवा बदले में बदल सकता है।
बागबाहरा शहर में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान सफल, 15 वार्ड और 18 बूथ समितियाँ गठित
शहर अध्यक्ष लखबीर सिंह छाबड़ा ने समितियों की सूची विधायक एवं जिला अध्यक्ष द्वारकाधीश यादव को सौंप दी। अभियान में नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षद और वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का सक्रिय योगदान रहा।
कांग्रेस दफ्तर में मारपीट : सत्ता का मैदान जीतने छोड़नी होगी अपनों की लड़ाई
महासमुंद कांग्रेस भवन हुई मारपीट, तोड़फोड और तनाव की अंदरुनी कलह पर पढ़िए डॉ. नीरज गजेंद्र की त्वरित टिप्पणी
चण्डी माता: प्रकृति का सौंदर्य मिलकर रचते हैं अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के घुंचापाली की पहाड़ियों में स्थित चण्डी डोंगरी आस्था, इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है। यहां मां चण्डी की 21 फीट ऊंची प्रतिमा, प्राचीन पूजा परंपराएं, रहस्यमयी कथाएं और जनसहयोग से विकसित भव्य मंदिर श्रद्धालुओं को गहरा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं।