Wednesday, 04 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
Bilaspur Crime: देर रात घूमने से रोकती थी दादी, नाराज पोते ने खाट के पाए से पीटकर की हत्या Kanker News: धान खरीदी केंद्र से 4,651 क्विंटल धान गायब, 1.44 करोड़ की गड़बड़ी में दो गिरफ्तार Woman Death Case: बाफना हाउस में युवती की मौत से मचा हड़कंप, न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग CG News: हाइवा में आग लगते ही मचा हड़कंप, ड्राइवर की सूझबूझ से बची जान Mahadev Betting App: सौरभ चंद्राकर रायपुर कोर्ट में पेश, बढ़ेगी पूछताछ, हवाला नेटवर्क और रसूखदारों पर नजर Korba News: महुआ शराब जब्ती के दौरान आबकारी टीम से मारपीट, दो महिलाएं गिरफ्तार Bilaspur Crime: देर रात घूमने से रोकती थी दादी, नाराज पोते ने खाट के पाए से पीटकर की हत्या Kanker News: धान खरीदी केंद्र से 4,651 क्विंटल धान गायब, 1.44 करोड़ की गड़बड़ी में दो गिरफ्तार Woman Death Case: बाफना हाउस में युवती की मौत से मचा हड़कंप, न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग CG News: हाइवा में आग लगते ही मचा हड़कंप, ड्राइवर की सूझबूझ से बची जान Mahadev Betting App: सौरभ चंद्राकर रायपुर कोर्ट में पेश, बढ़ेगी पूछताछ, हवाला नेटवर्क और रसूखदारों पर नजर Korba News: महुआ शराब जब्ती के दौरान आबकारी टीम से मारपीट, दो महिलाएं गिरफ्तार
W 𝕏 f
होम › छत्तीसगढ़ › बंजर जमीन बनी सोने की खान: किसान लक्ष्मीकांत साहू…
ऑयल पाम की खेती
ऑयल पाम की खेती
छत्तीसगढ़

बंजर जमीन बनी सोने की खान: किसान लक्ष्मीकांत साहू ने ऑयल पाम से लिखी सफलता की कहानी

पिथौरा विकासखंड के ग्राम बेलडीह के किसान लक्ष्मीकांत साहू ने बंजर भूमि पर ऑयल पाम की खेती शुरू कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और सरकारी योजना के तहत मिली सहायता से उन्होंने ड्रिप सिंचाई, बोरवेल और फेंसिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं अपनाईं। साथ ही अंतरवर्तीय फसल के रूप में बैंगन और करेला उगाकर अतिरिक्त आय प्राप्त की। बैंगन से ही उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। उनकी सफलता से आसपास के किसान भी आधुनिक खेती और ऑयल पाम की ओर प्रेरित हो रहे हैं।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 18 Apr 2026, 10:57 AM · अपडेट: 20 Oct 2026, 06:51 AM
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम बेलडीह के कृषक लक्ष्मीकांत साहू ने कर दिखाया कि सही मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक से बंजर भूमि को भी आय का मजबूत साधन बनाया जा सकता है। वर्ष 2025-26 में उन्होंने नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पाम योजना के तहत अपने 3.00 हेक्टेयर बंजर भूमि पर ऑयल पाम की खेती शुरू की।
श्री लक्ष्मीकांत बताते हैं कि पहले यह भूमि धान की खेती के लिए उपयुक्त नहीं थी, जिससे उन्हें पर्याप्त आय नहीं हो पाती थी। लेकिन उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने ऑयल पाम की उन्नत खेती अपनाई। विभाग द्वारा उन्हें पौधरोपण, बोरवेल, फेंसिंग और ड्रिप सिंचाई जैसी सुविधाओं पर अनुदान प्रदान किया गया, जिससे खेती की लागत कम हुई और उत्पादन क्षमता बढ़ी।
बैगन की फसल से लाभ
ऑयल पाम के साथ-साथ साहू ने अंतरवर्तीय फसल के रूप में बैगन और करेला की खेती भी शुरू की। विशेष रूप से बैगन की फसल से उन्हें उल्लेखनीय लाभ हुआ। प्रति एकड़ लगभग 110 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिसे 12 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचकर उन्होंने लगभग 82 हजार रूपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया। इस अतिरिक्त आय ने उनकी आर्थिक स्थिति को काफी मजबूत किया। 
लक्ष्मीकांत साहू द्वारा अपनाई गई आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रिप सिंचाई और फेंसिंग ने उनकी खेती को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाया है। उनकी सफलता को देखकर आसपास के अन्य किसान भी ऑयल पाम की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं और नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें