4G Smartphone Demand: भारत के स्मार्टफोन बाजार में 2026 के दौरान एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पिछले कुछ वर्षों में 5G फोन तेजी से लोकप्रिय हुए थे, वहीं अब कम कीमत वाले 4G स्मार्टफोन्स की मांग दोबारा बढ़ती नजर आ रही है। बाजार में इस बदलाव की एक बड़ी वजह मोबाइल फोन के अलग-अलग कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत और 5G डिवाइस की कीमतों में इजाफा माना जा रहा है।
मार्केट रिसर्च फर्म Counterpoint Research के मुताबिक, 2026 में भारत में 4G स्मार्टफोन की शिपमेंट पिछले साल की तुलना में करीब 3 प्रतिशत बढ़ सकती है। यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है, जब देश के कुल स्मार्टफोन बाजार में कमजोरी देखने को मिल रही है।
4G स्मार्टफोन्स की हिस्सेदारी बढ़ने का अनुमान
आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में भारत की कुल स्मार्टफोन शिपमेंट में 4G फोन की हिस्सेदारी करीब 11 प्रतिशत थी। 2026 में इसके बढ़कर 13 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। यह बदलाव खास तौर पर उन ग्राहकों की पसंद को दर्शाता है जो नया फोन खरीदते समय कीमत को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। 5G फोन में बेहतर कनेक्टिविटी और नए फीचर्स मिलने के बावजूद अगर इसकी कीमत बजट से बाहर जा रही है, तो ग्राहक कम कीमत वाले 4G मॉडल को विकल्प के तौर पर चुन रहे हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि 2025 में 4G स्मार्टफोन की शिपमेंट में करीब 48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। ऐसे में 2026 में इसमें दोबारा बढ़ोतरी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है।
₹20 हजार से कम के सेगमेंट में बढ़ी हलचल
4G स्मार्टफोन की वापसी का सबसे बड़ा असर ₹20,000 से कम कीमत वाले सेगमेंट में दिखाई दे रहा है। इस कैटेगरी में कंपनियां अब ऐसे 4G मॉडल पेश कर रही हैं, जिनमें ग्राहकों को जरूरी फीचर्स के साथ किफायती कीमत का विकल्प मिल सके। रिसर्च के अनुसार, ₹10,000 से ₹20,000 के प्राइस सेगमेंट में 4G स्मार्टफोन पेश करने वाली कंपनियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। 2025 में इस रेंज में सिर्फ 2 कंपनियां 4G फोन पेश कर रही थीं, जबकि 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनियां केवल बेहद सस्ते या एंट्री-लेवल फोन तक 4G टेक्नोलॉजी को सीमित नहीं रख रही हैं। अब मिड-बजट कैटेगरी में भी 4G डिवाइस को एक व्यावहारिक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।महंगे होते 5G फोन ने बदला ग्राहकों का रुख
स्मार्टफोन कंपोनेंट्स की लागत बढ़ने का असर डिवाइस की अंतिम कीमत पर भी पड़ रहा है। खासकर 5G स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स और तकनीक की लागत बढ़ने से कुछ मॉडलों की कीमतों पर दबाव बना है। ऐसे में बजट को प्राथमिकता देने वाले ग्राहक 5G के बजाय 4G फोन चुन रहे हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भारत में 5G की मांग खत्म हो रही है। 5G अभी भी स्मार्टफोन बाजार का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन कीमत के प्रति संवेदनशील ग्राहकों के बीच 4G एक बार फिर मजबूत विकल्प बनता दिख रहा है। आने वाले समय में स्मार्टफोन कंपनियों की रणनीति पर भी इस बदलाव का असर देखने को मिल सकता है। अगर कंपोनेंट की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और ग्राहक किफायती डिवाइस को प्राथमिकता देते हैं, तो 4G स्मार्टफोन बाजार में अपनी पकड़ कुछ और मजबूत कर सकते हैं।

