Tiger Reserve: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) में एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल शुरू हो गई है। मानसून के दौरान बंद रहने के बाद 1 नवंबर से टाइगर रिजर्व के दरवाजे पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। पर्यटन सीजन के पहले ही दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में सैलानी जंगल सफारी का रोमांच लेने पहुंचे। घने जंगल, खूबसूरत प्राकृतिक नजारे और वन्यजीवों को करीब से देखने की उम्मीद के साथ इस बार भी पर्यटकों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। करीब 914 वर्ग किलोमीटर में फैला अचानकमार टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। इस बार पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने सफारी और प्रवेश व्यवस्था में भी कुछ बदलाव किए हैं।
दो गेट से मिलेगी जंगल सफारी की सुविधा
इस पर्यटन सत्र में पर्यटकों को छपरवा गेट के अलावा केंवची गेट से भी प्रवेश की सुविधा मिलेगी। इससे जंगल सफारी के लिए पर्यटकों के पास पहले से अधिक विकल्प होंगे। सफारी के रोमांच को बेहतर बनाने के लिए जिप्सी के साथ महारानी और योद्धा जैसे विशेष वाहनों की व्यवस्था भी की गई है। इन वाहनों के जरिए सैलानी जंगल के भीतर प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवों को करीब से देखने का अनुभव ले सकेंगे।
अचानकमार में 18 बाघों की मौजूदगी
अचानकमार टाइगर रिजर्व की पहचान यहां मौजूद बाघों से भी है। पिछली वन्यजीव गणना के मुताबिक, रिजर्व में 18 बाघ दर्ज किए गए हैं। यह संख्या छत्तीसगढ़ के अन्य टाइगर रिजर्व की तुलना में अधिक बताई गई है। बाघों के अलावा यहां कई तरह के वन्यजीव और वनस्पतियां भी मौजूद हैं, जो इसे प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए खास बनाते हैं।बैगा रिसॉर्ट में ठहरने की भी व्यवस्था
दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों के ठहरने के लिए शिवतराई स्थित बैगा रिसॉर्ट में विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां 14 सामान्य और 4 प्रीमियम कमरे उपलब्ध कराए गए हैं। इससे पर्यटक जंगल सफारी के साथ कुछ समय प्रकृति के बीच भी बिता सकेंगे। इसके अलावा, पर्यटकों को सफारी बुकिंग और अन्य जरूरी जानकारियां आसानी से मिल सकें, इसके लिए एटीआर प्रबंधन की ओर से हेल्पलाइन संपर्क नंबर भी जारी किया गया है। नए पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ उम्मीद है कि अचानकमार में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।






