Arang Crime News: ग्राम चिखली में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने महानदी के किनारे झाड़ियों में दो अज्ञात शव फंसे हुए देखे। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के चलते नदी उफान पर थी। जैसे ही जलस्तर थोड़ा नीचे उतरा, नदी किनारे अटकी लाशें दिखाई देने लगीं। खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों का हुजूम जुट गया, जिसके बाद आरंग पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को पानी से बाहर निकलवाया।
शवों की हालत विकृत, पहचान करना पुलिस के लिए बनी चुनौती
बरामद शवों में से एक महिला का है, जबकि दूसरा शव पानी में लंबे समय तक रहने के कारण अत्यधिक क्षत-विक्षत हो चुका है। स्थिति इतनी खराब है कि उसके लिंग (पुरुष या महिला) और पहचान की पुष्टि होना फिलहाल मुश्किल है। इसके लिए पुलिस विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण (मेडिकल टेस्ट) करा रही है। शवों के गल जाने की वजह से मृतकों की शिनाख्त स्थापित करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी पहेली बन गया है।
आसपास के थानों और बाढ़ प्रभावित जिलों से साधा जा रहा संपर्क
मृतकों की पहचान के लिए आरंग पुलिस पूरी मुस्तैदी से जुट गई है। पुलिस आसपास के सभी थानों और महानदी से सटे बाढ़ प्रभावित जिलों की पुलिस से लगातार संपर्क में है। हाल ही में दर्ज कराई गई गुमशुदगी (मिसिंग) की रिपोर्टों का तेजी से मिलान किया जा रहा है, ताकि मृतकों के परिजनों तक पहुँचा जा सके।
मिट्टी कटाव से बहकर आने की आशंका, हर पहलू से जांच जारी
मामले की जानकारी देते हुए सीएसपी लंबोदर पटेल ने बताया कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि शव नदी किनारे कहीं दफनाए गए होंगे, जो तेज बारिश और मिट्टी के कटाव के कारण बहकर चिखली क्षेत्र तक पहुँच गए। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि अंतिम निष्कर्ष पर पहुँचना अभी जल्दबाजी होगी।पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
मौत नदी के तेज बहाव में डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई आपराधिक षड्यंत्र है, पुलिस हर बिंदु पर गहराई से तफ्तीश कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और पूरे मामले की हकीकत से पर्दा उठ सकेगा।

