Arang News: आज के दौर में जहां एक तरफ डिजिटल इंडिया और 5G सेवाओं की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में लोग सामान्य मोबाइल नेटवर्क के लिए तरस रहे हैं। रायपुर जिले के आरंग जनपद अंतर्गत आने वाले ग्राम कुकरा में बीते तीन महीनों से जियो (Jio) का नेटवर्क पूरी तरह चरमरा गया है। इसके चलते गांव के लोगों को दैनिक कामकाज से लेकर आपातकालीन परिस्थितियों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेटवर्क इतना कमजोर है कि कोई फोन लगाना चाहे तो कई बार की कोशिशों के बाद भी बात नहीं हो पाती। कॉल बार-बार ड्रॉप होना और इंटरनेट की स्पीड शून्य हो जाना यहां की रोज़मर्रा की परेशानी बन चुकी है।
ऑनलाइन पढ़ाई से लेकर बैंकिंग तक सब ठप्प
आज के समय में मोबाइल और इंटरनेट हर परिवार की बुनियादी जरूरत बन चुका है। नेटवर्क की इस खराबी का सीधा असर ग्रामीणों की जेब और समय दोनों पर पड़ रहा है:
- ऑनलाइन बैंकिंग व यूपीआई पेमेंट: गांव की दुकानों और डिजिटल लेनदेन पर ब्रेक लग गया है।
- बच्चों की पढ़ाई: स्कूल और कॉलेज के छात्र पढ़ाई के लिए जरूरी नोट्स या वीडियो नहीं देख पा रहे हैं।
- सरकारी योजनाएं: आधार लिंक, राशन व अन्य योजनाओं के ऑनलाइन वेरिफिकेशन का काम अटका पड़ा है।
- आपात स्थिति में असहाय: किसी बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में एंबुलेंस या रिश्तेदारों को फोन लगाना भी नामुमकिन सा हो जाता है।
आज-कल कहकर बात टाल रहे अधिकारी
ग्राम पंचायत कुकरा के सरपंच नंदलाल डहरिया ने बताया कि नेटवर्क की इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार जियो कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। लेकिन अधिकारी हर बार 'टीम आज आ रही है' या 'कल तक ठीक हो जाएगा' का आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। सरपंच ने कहा कि तीन महीने का लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। कंपनी के इस उदासीन रवैये से ग्रामीणों में भारी रोष है।

