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सेवादारों और अनजान लोगों पर न करें अंधा भरोसा
उन्होंने स्पष्ट रूप से हिदायत दी:
अकेले न आएं: महिलाएं धाम की यात्रा अकेले करने के बजाय किसी पुरुष या पारिवारिक सदस्य के साथ ही आएं।
लंबा ठहराव न करें: धाम में श्रद्धालुओं के रुकने के लिए कोई बहुत विशेष या व्यापक इंतजाम नहीं हैं, इसलिए बिना वजह ज्यादा समय तक न रुकें।
किसी पर भरोसा न करें: बाबा ने कहा कि धाम में मौजूद किसी अनजान व्यक्ति या यहां तक कि खुद को 'सेवादार' बताने वाले व्यक्ति पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आजकल कई असामाजिक तत्व धार्मिक स्थलों और संतों की साख को बट्टा लगाने के फिराक में रहते हैं। वे नहीं चाहते कि बालाजी महाराज के धाम या उनकी व्यवस्था पर कोई बेबुनियाद कलंक लगे।
देश में बेटियों की सुरक्षा चिंताजनक
समाज के मौजूदा हालात पर अफसोस जताते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आज देश में बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। लोगों की नीयत और नजरें जिस तरह बिगड़ी हैं, उसे देखते हुए सावधान रहना ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने भावुक लहजे में कहा कि कल को अगर परिसर के बाहर या आसपास कोई अप्रिय घटना घटती है, तो पूरी व्यवस्था, संस्था और धर्म को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है। इसी से बचने के लिए उन्होंने सभी बहनों और बेटियों से खुद सतर्क रहने और अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने का आग्रह किया है।
विवादों से भी रहा है पुराना नाता
गौरतलब है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम पहले भी कई बयानों को लेकर विवादों में घिर चुका है। सितंबर महीने में पंजाब के लुधियाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक विशेष समुदाय को लेकर 'भैया-सैंया' वाली टिप्पणी की थी, जिस पर काफी हंगामा हुआ था। इसके अलावा, बंगाल में दुर्गा पूजा के समय मांसाहार करने वालों को 'पाखंडी' करार देने पर भी काफी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। अब देखना होगा कि महिलाओं को लेकर दी गई इस नई हिदायत को उनके अनुयायी और आम जनता किस रूप में लेती है।

