राजनांदगांव और आसपास के इलाकों के लोगों का सालों पुराना सपना आखिरकार पूरा होने जा रहा है। लंबे समय से अटकी डोंगरगढ़-कटघोरा नई रेल लाइन परियोजना को दिल्ली से बड़ी प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। अब यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट फाइलों से बाहर निकलकर जल्द ही जमीन पर आकार लेता नजर आएगा। गुरुवार को नई दिल्ली के रेल भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू शामिल हुए।
भेजा गया बजट को मिली मंजूरी
बैठक में परियोजना के हर पहलू पर गहन चर्चा हुई, जिसके बाद इसके निर्माण को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया। इस परियोजना का इतिहास देखें तो इसे सबसे पहले साल 2018 में मंजूरी मिली थी। उस समय इसकी अनुमानित लागत करीब 4,821 करोड़ रुपये तय की गई थी। हालांकि, राज्य में हुए राजनीतिक बदलावों और कई प्रशासनिक अड़चनों के कारण इसका काम ठप पड़ा रहा। सालों के इंतजार के दौरान निर्माण लागत में भी भारी बढ़ोतरी हुई। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद बिलासपुर रेल जोन के जरिए 6,947 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित (रिवाइज्ड) बजट तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा गया था, जिसे अब अंतिम मंजूरी दे दी गई है।
नई रेल लाइन बिछने से राजनांदगांव लोकसभा के कई पिछड़े और दूरस्थ इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा:
खैरागढ़
छुईखदान
कवर्धा
पंडरिया
ट्रैफिक होगी कम, यात्रियों को मिलेगी सुविधा
इन चारों क्षेत्रों में पहली बार बेहतर और सीधा रेल नेटवर्क पहुंचेगा। इससे न केवल आम यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि इलाके में कृषि, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भौगोलिक और तकनीकी दृष्टि से भी यह रेल लाइन बेहद खास मानी जा रही है। वर्तमान में मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का भारी दबाव रहता है। डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाइन एक वैकल्पिक रूट के तौर पर काम करेगी। इससे मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक कम होगा, मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की गति में सुधार आएगा और भविष्य में इस क्षेत्र के लिए नई ट्रेनें चलाने का रास्ता भी साफ होगा।
"हम इस मुद्दे को लोकसभा में लगातार उठाते रहे और रेल मंत्रालय के सामने क्षेत्र की जरूरत को मजबूती से रखा। इस सौगात के लिए हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हैं।" — संतोष पांडे, सांसद (राजनांदगांव)