CG Paddy Procurement: सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की घोषणा कर दी है, इस बार धान की खरीदी 15 नवंबर से होगी। हालांकि इस बार किसानों को धान बेचने के लिए केवल 60 दिन का समय दिया गया है। धान खरीदी 15 जनवरी 2027 तक होगी। पिछली बार धान की खरीदी 31 जनवरी तक हुई थी। सरकार ने धान खरीदी के समय में कटौती की है हालांकि इस बार 360 नए धान उपार्जन केंद्र शुरू किए हैं जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशान नहीं होना पड़े।
धान खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़कर हुई 3,100
किसानों को धान बेचने के लिए दूर न जाना पड़े और उपार्जन केंद्रों पर लंबी कतारों में इंतजार न करना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार ने 360 नए धान खरीदी केंद्रों को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही प्रदेश में धान उपार्जन केंद्रों की संख्या 2,740 से बढ़कर 3,100 हो जाएगी। नए केंद्र शुरू होने से अलग-अलग क्षेत्रों के किसानों को अपनी उपज बेचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
किसानों की सुविधा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नए उपार्जन केंद्र खोलने का उद्देश्य सिर्फ केंद्रों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि धान बेचने की पूरी प्रक्रिया को किसानों के लिए आसान और सुविधाजनक बनाना है।
दो लाख से अधिक किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार के मुताबिक, 360 नए धान उपार्जन केंद्रों की शुरुआत से प्रदेश के दो लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को सीधा फायदा होगा। जिन केंद्रों पर किसानों की अधिक संख्या के कारण भीड़ और लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहां अब दबाव कम होने की उम्मीद है।15 नवंबर से 15 जनवरी तक होगी धान खरीदी
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक तय की है। इस दौरान प्रदेश के पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की जाएगी। खरीदी शुरू होने से पहले सभी उपार्जन केंद्रों पर जरूरी इंतजाम पूरे करने की तैयारी चल रही है, ताकि पहले दिन से ही किसानों को व्यवस्थित तरीके से अपनी उपज बेचने की सुविधा मिल सके।
10 नवंबर से किसानों को मिलने लगेंगे टोकन
धान खरीदी को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत 2 नवंबर से 5 नवंबर 2026 तक समितियों में ट्रायल रन किया जाएगा। वहीं, किसानों के लिए 10 नवंबर 2026 से टोकन जारी करने की व्यवस्था शुरू होगी। इससे किसान खरीदी प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही अपना टोकन प्राप्त कर सकेंगे और 15 नवंबर से धान बेचने की तैयारी कर पाएंगे।







