Chhattisgarh Cashless Medical Scheme: कैशलेस चिकित्सा योजना लागू करने की मांग तेज, कर्मचारियों ने बांधी काली पट्टी
Chhattisgarh Cashless Medical Scheme: बजट में घोषणा और वित्तीय प्रावधान के बावजूद कैशलेस चिकित्सा योजना की नियमावली जारी नहीं होने से प्रदेशभर के कर्मचारियों ने बुधवार को काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। संगठन ने कैबिनेट स्तर पर निर्णय लेकर जल्द नियमावली जारी करने और योजना लागू करने की मांग की है।
प्रकाशित: 08 Oct 2026, 08:43 AM· 3 मिनट पढ़ने का समय
बागबाहरा
स्रोत: प्रेस विज्ञप्ति
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Chhattisgarh Cashless Medical Scheme: छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों की बहुप्रतीक्षित कैशलेस चिकित्सा योजना को लागू करने की मांग को लेकर कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है। बजट में योजना की घोषणा और वित्तीय प्रावधान किए जाने के बावजूद अब तक नियमावली जारी नहीं होने से नाराज प्रदेशभर के हजारों अधिकारियों-कर्मचारियों ने बुधवार को काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने नियमित शासकीय कार्य करते हुए सांकेतिक रूप से शासन का ध्यान योजना के लंबित क्रियान्वयन की ओर आकर्षित कराया।
प्रदेशभर में चला काली पट्टी अभियान
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि काली पट्टी अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों, कार्यालयों और संस्थानों में अधिकारियों-कर्मचारियों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर काम किया। रायपुर के साथ बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, सरगुजा, महासमुंद सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी कर्मचारियों ने अभियान में सहभागिता की। संगठन ने बताया कि विरोध के दौरान शासकीय कामकाज को प्रभावित नहीं किया गया और कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग शासन तक पहुंचाई।
बजट में प्रावधान के बाद भी नियमावली लंबित
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना की घोषणा बजट में की गई थी। योजना के लिए वित्तीय प्रावधान होने के बाद कर्मचारियों और उनके परिवारों को उम्मीद थी कि शीघ्र ही नियमावली तैयार कर योजना को लागू कर दिया जाएगा। लेकिन लंबे समय से नियमावली और क्रियान्वयन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण योजना का लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा है।
संगठन के अनुसार गंभीर बीमारी, दुर्घटना या बड़े उपचार की स्थिति में कर्मचारियों को अब भी इलाज का खर्च स्वयं वहन करना पड़ रहा है। महंगे उपचार के कारण कई परिवारों पर लाखों रुपये तक का आर्थिक बोझ पड़ जाता है। ऐसे में कैशलेस चिकित्सा सुविधा कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कर्मचारियों ने बांधी काली पट्टीस्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती उषा चंद्राकर ने कहा कि कर्मचारियों का आंदोलन किसी सरकार के विरोध के लिए नहीं है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने वाली योजना को जल्द लागू कराना है। जब योजना की घोषणा हो चुकी है और इसके लिए बजट में प्रावधान भी किया जा चुका है, तो नियमावली जारी करने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि काली पट्टी अभियान के माध्यम से कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग शासन तक पहुंचाई है। संगठन चाहता है कि योजना की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
कैबिनेट स्तर पर निर्णय की मांग
प्रेस विज्ञप्ति में संगठन ने शासन से कैबिनेट स्तर पर आवश्यक निर्णय लेकर कैशलेस चिकित्सा योजना की नियमावली शीघ्र जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि योजना के क्रियान्वयन से कर्मचारियों को गंभीर बीमारी या महंगे उपचार के समय तत्काल चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में मदद मिलेगी और इलाज के लिए बड़ी राशि की व्यवस्था करने का आर्थिक दबाव कम होगा।
आंदोलन व्यापक करने की चेतावनी
कर्मचारी संगठनों ने कहा कि वर्तमान में काली पट्टी अभियान के माध्यम से सांकेतिक विरोध किया गया है। यदि इसके बाद भी योजना की नियमावली जारी कर क्रियान्वयन की दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठन ने शासन से कर्मचारियों की मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है।