हाइवे और मुख्य सड़कों के लिए सख्त मानक
सरकार ने नए चार्जिंग सेंटर खोलने के लिए जमीन के आकार और सड़क की चौड़ाई को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
दूरी का नियम: नेशनल हाइवे और प्रमुख सड़कों पर हर 25 किलोमीटर की दूरी पर एक चार्जिंग सेंटर बनाना अनिवार्य होगा।
सड़क की चौड़ाई: 30 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर चार्जिंग स्टेशन की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, पुराने और घनी आबादी वाले शहरों में सक्षम प्राधिकारी की विशेष मंजूरी से इसमें छूट मिल सकती है।
भारी वाहनों के लिए तेज सुविधा: लंबी दूरी तय करने वाले बड़े और भारी वाहनों के लिए हर 100 किलोमीटर पर फास्ट चार्जिंग की व्यवस्था की जाएगी।
चार्जर की संख्या: हर एक सेंटर पर कम से कम दो चार्जर लगाना अनिवार्य होगा।
सुरक्षा और 24 घंटे बिजली आपूर्ति अनिवार्य
- बिजली कनेक्शन: सर्विस देने वाली कंपनी को 24 घंटे निर्बाध बिजली कनेक्शन और मीटरिंग की व्यवस्था रखनी होगी।
बैटरी स्वैपिंग: बैटरी बदलने वाले स्टेशनों के लिए कम से कम 5.5 मीटर लंबी और 2.76 मीटर चौड़ी जगह तय की गई है।
केंद्र सरकार से मिलेगी भारी सब्सिडी छत्तीसगढ़ में ईवी नेटवर्क को रफ्तार देने के लिए केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय बड़ी वित्तीय सहायता दे रहा है।
बिजली अधोसंरचना (Power Infrastructure) की कुल लागत का 80% सब्सिडी केंद्र सरकार देगी।
चार्जिंग मशीनों और उपकरणों की खरीद पर 70% तक का अनुदान मिलेगा।
बाकी बची राशि का प्रबंध नगर निगम, कलेक्टर के समन्वय से स्थानीय वित्तीय स्रोतों के जरिए करेंगे।
प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों की क्षमता 144 किलोवाट होगी।
सीएनजी स्टेशन और डिजिटल संचार के भी बदले नियम नए संशोधनों में सीएनजी केंद्रों और भवनों में डिजिटल नेटवर्क सुधारने के नियम भी जोड़े गए हैं:
सीएनजी मदर स्टेशन: इसके लिए कम से कम 1,080 वर्गमीटर (36x30 मीटर) जमीन की आवश्यकता होगी। इन्हें हाइवे, औद्योगिक विकास केंद्रों, माल परिवहन क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों के किनारे स्थापित किया जा सकेगा।
इन-बिल्डिंग डिजिटल सिस्टम: इमारतों के भीतर मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए नए इन-बिल्डिंग डिजिटल संचार मानकों को अनिवार्य किया गया है।

