Chhattisgarh Politics: विष्णुदेव साय की पहचान पर कांग्रेस के बयान से गरमाई सियासत, धरमलाल कौशिक ने साधा निशाना
Chhattisgarh Politics: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पहचान तय करने का अधिकार कांग्रेस को नहीं है। वहीं उन्होंने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर और शराब घोटाले को लेकर भी निशाना साधा।
Chhattisgarh Politics: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ‘वनवासी’ बताने वाले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए
कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री आदिवासी हैं या नहीं, इसका प्रमाण पत्र देने की हैसियत कांग्रेस की नहीं है। सोमवार को बिलासपुर स्थित भाजपा कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस के इस रुख और उसके प्रशिक्षण शिविरों पर जमकर तीखे तीर चलाए।
जनता दे चुकी है अपना जनादेश
दीपक बैज के बयान का जवाब देते हुए कौशिक ने कहा कि प्रदेश के आदिवासी बहुल इलाकों की जनता ने हालिया चुनाव में अपना रुख साफ कर दिया है। छत्तीसगढ़ के लोगों को अच्छी तरह पता है कि कौन उनके हित में काम कर रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को अपनी पहचान साबित करने के लिए कांग्रेस से किसी तरह के ‘सर्टिफिकेट’ की जरूरत नहीं है।
चर्चित शराब घोटाले का जिक्र
कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविरों पर तंज कसते हुए
भाजपा विधायक ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी रीढ़ मजबूत करने के लिए कार्यक्रम करने का पूरा हक है। लेकिन, कांग्रेस को अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने से पहले खुद लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना सीखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी खुद लोकतांत्रिक ढांचों की अनदेखी करती आई है, वह अपने कार्यकर्ताओं को क्या सीख देगी? प्रदेश के चर्चित शराब घोटाले का जिक्र करते हुए धरमलाल कौशिक ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूपरेखा भी किया साझा
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान शराब बिक्री में जो अवैध सिंडिकेट खड़ा किया गया था, उसे भाजपा सरकार ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लाई गई है, जिससे बिचौलियों का खेल खत्म हो चुका है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कौशिक ने आगामी सांगठनिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से ‘सेवा पखवाड़ा’ शुरू किया जा रहा है।
इस अभियान के तहत बिलासपुर जिले में 12 प्रमुख जनकल्याणकारी और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे:
सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियां: स्कूलों में रंगोली व चित्रकला प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और दीप प्रज्वलन।
जनजागरण: 'सेवा की कहानियां' कार्यक्रम, सेवा ज्योति कलश यात्रा और पैदल यात्राएं।
250 बाइकर्स का जत्था: बिलासपुर से लगभग 250 बाइक सवारों का दल बनारस के लिए रवाना होगा, जो वहां भगवान विश्वनाथ का जलाभिषेक करेगा।
सुशासन संवाद: पंचायत से लेकर संसद तक आम लोगों को जोड़ने के लिए विशेष संवाद कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।
भाजपा का मानना है कि इस पखवाड़े के जरिए पार्टी सेवा, पारदर्शी शासन और जन-कल्याण के अपने विजन को सीधे आम जनता तक पहुंचाने का काम करेगी।