CSPDCL ने 96 ठिकानों पर पकड़ी चोरी, अब होगी सीधे कानूनी कार्रवाई
CSPDCL: छत्तीसगढ़ के महासमुंद और गरियाबंद जिले में CSPDCL ने बिजली चोरी और बकाया बिल के मामलों को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया। 27 टीमों ने 187 परिसरों की जांच की, जिसमें 96 स्थानों पर गड़बड़ी मिली। विभाग ने बिजली चोरी और अवैध रूप से कनेक्शन जोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। अभियान 31 मार्च तक जारी रहेगा।
CSPDCL: छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) ने महासमुंद और गरियाबंद जिले में बिजली के बकाएदारों और अवैध रूप से बिजली जला रहे लोगों के खिलाफ बड़ा और कड़ा रुख अपनाया है। विभाग द्वारा चलाए गए विशेष जांच अभियान से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। टीमों ने दोनों जिलों के कुल 187 परिसरों (प्रिमाइसेस) में अचानक पहुंचकर तलाशी ली। इस दौरान 96 स्थानों पर गंभीर गड़बड़ी पाई गई, जहाँ कनेक्शन कटने के बाद भी बिना कोई बिल चुकाए धड़ल्ले से बिजली का उपयोग किया जा रहा था।
27 टीमें और 55 इंजीनियर मैदान में उतरे
इस व्यापक कार्रवाई को अंजाम देने के लिए विभाग ने पूरी तैयारी की थी:
जांच दलों का गठन: दोनों जिलों के अलग-अलग इलाकों में दबिश देने के लिए कुल 27 जांच टीमें बनाई गईं।
अधिकारियों की फौज: इस पूरे ऑपरेशन में लगभग 55 सहायक व कनिष्ठ अभियंता (Engineers) और दर्जनों लाइन कर्मचारी शामिल रहे।
निशाने पर कौन था: टीमों का मुख्य ध्यान उन घरों और दुकानों पर था, जिनके स्मार्ट मीटर बकाया बिल न भरने की वजह से रिमोट सिस्टम से बंद कर दिए गए थे या जिनकी केबल काट दी गई थी।
मीटर बायपास से लेकर डायरेक्ट केबल हुकिंग तक का खेल उजागर
जांच के दौरान अधिकारियों को बिजली चोरी के कई तरीके देखने को मिले। कनेक्शन कटने के बावजूद कई उपभोक्ताओं ने मीटर को बायपास कर दिया था, तो कई जगह सीधे एलटी लाइन पर तार (हुकिंग) डालकर बिजली चुराई जा रही थी।
कानूनी शिकंजा:
अधिकारियों ने मौके पर ही सभी गड़बड़ियों का पंचनामा बनाकर साक्ष्य जुटाए हैं। अब विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 (बिजली चोरी) और धारा 138 (अवैध री-कनेक्शन) के तहत एफआईआर और विशेष न्यायालय में केस दर्ज कराने की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है।
31 मार्च तक जारी रहेगा अभियान: समाधान योजना का उठाएं फायदा
छापेमारी के दौरान विभाग ने राहत का विकल्प भी खुला रखा था। मौके पर कई घरेलू बीपीएल और कृषि पंप उपभोक्ताओं ने ‘मुख्यमंत्री समाधान योजना’ के तहत पंजीयन कराकर बकाया निपटाने की पहल की, जबकि कुछ लोगों ने तुरंत बिल जमा कर दिया।
बिजली कंपनी की उपभोक्ताओं को सीधी चेतावनी: