Delhi School Holidays: सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए सितंबर में तीन दिन लगातार छुट्टियां रहेंगी। शिक्षा निदेशालय ने 11 सितंबर को स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। यह छुट्टी दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को देखते हुए दी गई है। शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, 11 सितंबर शुक्रवार को दिल्ली के सभी सरकारी स्कूल बंद रहेंगे। इसके अलावा सरकार से सहायता प्राप्त और बिना सहायता वाले मान्यता प्राप्त निजी स्कूल भी इस दिन बंद रहेंगे।
BRICS समिट के चलते तीन दिन स्कूल बंद
12 और 13 सितंबर को भी स्कूल बंद 11 सितंबर की छुट्टी के बाद 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार है। इसके अगले दिन 13 सितंबर को रविवार होने के कारण स्कूलों में नियमित अवकाश रहेगा। इस तरह छात्रों को शुक्रवार से रविवार तक लगातार तीन दिन स्कूल नहीं जाना होगा। BRICS समिट को लेकर लिया गया फैसला दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन होना है। सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। इसे देखते हुए राजधानी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
11 सितंबर को स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद
इसी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल की ओर से भी 11 सितंबर को दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले सरकारी कार्यालयों, स्वायत्त निकायों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में छुट्टी घोषित की गई थी। अब शिक्षा निदेशालय के सर्कुलर से स्कूलों को लेकर भी स्थिति साफ हो गई है। शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त निदेशक विकास कालिया के अनुसार, 11 सितंबर को निदेशालय के अधीन आने वाले सभी कार्यालयों और स्कूलों में अवकाश रहेगा। इसमें सरकारी सहायता प्राप्त तथा बिना सहायता वाले मान्यता प्राप्त निजी स्कूल भी शामिल हैं।भारत करेगा BRICS समिट की मेजबानी
12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS सम्मेलन BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। भारत इस वर्ष 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन में BRICS के सदस्य और सहयोगी देशों के नेता, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि तथा कारोबारी जगत से जुड़े लोग शामिल होंगे।
BRICS मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह से बना था। बाद में इसमें कई अन्य देशों को भी शामिल किया गया और समूह का दायरा बढ़ा है। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, सहयोग और अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

