बागपत जिले के दो युवकों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 20 दिनों से लापता चल रहे दोनों युवकों के शव लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर परिसर में जमीन के अंदर दबे मिले हैं। पुलिस ने बुधवार को मामले से जुड़ा अहम सुराग मिलने के बाद जांच तेज की तो मंदिर के महंत की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस जब उससे पूछताछ करने मंदिर पहुंची, तब तक वह फरार हो चुका था। इसके बाद मंदिर में मौजूद उसके दो शिष्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने देर रात मंदिर परिसर में खुदाई कराई और दोनों युवकों के शव बरामद किए। रात करीब तीन बजे शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। जानकारी के मुताबिक, सिगोली तगा गांव निवासी रिड़कू का बेटा इसरार और गांव के ही मुकेश का दिव्यांग बेटा अंकित आपस में गहरे दोस्त थे।
बाइक लेकर निकले थे दोनों दोस्त
दोनों 25 जुलाई को बाइक लेकर घर से घूमने के लिए निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर दोनों की तलाश शुरू की। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के इलाकों में पूछताछ की गई, लेकिन दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। कई दिनों तक तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने 29 जुलाई को चांदीनगर थाने पहुंचकर दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और दोनों के संपर्कों व संभावित ठिकानों से जुड़ी जानकारी जुटाई।
मंदिर के महंत पर पहुंचा शक
दोनों युवकों की तलाश के दौरान पुलिस को रटौल मार्ग स्थित लहचौड़ा के गणेश मंदिर और वहां के महंत नरेश नाथ से जुड़ी कुछ जानकारी मिली। पुलिस ने इस दिशा में जांच आगे बढ़ाई तो महंत की भूमिका संदिग्ध नजर आई। इसके बाद पुलिस की टीम उससे पूछताछ करने के लिए मंदिर पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिला। महंत के फरार होने के बाद पुलिस का संदेह और गहरा गया। मंदिर परिसर में मौजूद उसके दो शिष्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान ऐसी जानकारी सामने आई, जिससे दोनों लापता युवकों की हत्या और उनके शव मंदिर परिसर में दबाए जाने का पता चला।खुदाई के बाद मिले दोनों शव
हिरासत में लिए गए शिष्यों से मिली जानकारी के बाद पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मंदिर परिसर में उस स्थान की पहचान की गई, जहां शव दबाए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद देर रात खुदाई शुरू कराई गई। जमीन की खुदाई के दौरान पुलिस ने दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए। पूरी कार्रवाई देर रात तक चलती रही और करीब तीन बजे शवों को जमीन से बाहर निकाला गया। शवों की पहचान लापता इसरार और अंकित के रूप में होने के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारण और घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है।
विवाद की बात आई सामने
प्रारंभिक जानकारी में हत्या के पीछे अवैध संबंध से जुड़ा विवाद होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंदिर के महंत का मृतकों में से एक युवक की बहन से कथित संबंध था। इसकी जानकारी दोनों युवकों को मिलने के बाद वे महंत से बात करने और उसे समझाने के लिए गए थे। आरोप है कि इसी दौरान विवाद बढ़ गया और दोनों युवकों की हत्या कर दी गई। हालांकि हत्या की वास्तविक वजह, वारदात में शामिल लोगों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की जांच जारी है। फरार महंत की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़ी कई अन्य जानकारियां सामने आने की संभावना है।गांव में पुलिस बल तैनात
दो युवकों की हत्या और उनके शव मंदिर परिसर में दबाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता और गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। मंदिर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है। हिरासत में लिए गए दोनों शिष्यों से पूछताछ जारी है, जबकि फरार महंत नरेश नाथ की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया, हत्या में कितने लोग शामिल थे और शवों को मंदिर परिसर में छिपाने में किस-किस ने मदद की।