आंकड़ों का सच: सबसे ज्यादा महिलाएं गायब
पूरे आंकड़ों का विवरण कुछ इस प्रकार है:
महिलाएं: 78
वयस्क पुरुष: 54
बच्चे व नाबालिग: 17 (स्कूल, ट्यूशन या घर के पास से लापता)
बुजुर्ग: 10 (इनमें से अधिकांश स्वास्थ्य या मानसिक समस्याओं से पीड़ित)
इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं का अचानक गायब होना सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक स्थिति दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
किन इलाकों से सामने आए सबसे ज्यादा मामले?
शहर (रायपुर कमिश्नरेट):
शहरी क्षेत्र के थानों में मुजगहन से 16, उरला से 18, गुढ़ियारी से 13 और खमतराई से 11 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा टिकरापारा में 9, डीडी नगर व पंडरी में 7-7, आमानाका, गंज, राजेंद्र नगर और खम्हारडीह में 5-5 केस दर्ज हुए हैं। तेलीबांधा से 4, पुरानी बस्ती व सरस्वती नगर से 3-3, सिविल लाइन व मौदहापारा से 2-2, जबकि आजाद चौक, गोलबाजार, कोतवाली और कबीर नगर थानों में 1-1 मामला दर्ज किया गया।
ग्रामीण इलाके:
ग्रामीण थानों में सबसे ज्यादा मामले खरोरा (7) से आए हैं। तिल्दा नेवरा में 5, अभनपुर, धरसीवां, मंदिर हसौद और सिलतरा में 4-4 मामले सामने आए। वहीं आरंग, गोबरा नवापारा व माना कैंप से 3-3, विधानसभा से 2 और राखी थाने में 1 FIR दर्ज हुई है।
क्यों छोड़ रहे लोग घर? वजहें कई
पुलिस की शुरुआती पड़ताल दर्शाती है कि अधिकांश मामलों के पीछे घरेलू कलह और पारिवारिक तनाव मुख्य कारण बनकर सामने आ रहे हैं।
पारिवारिक तनाव: पति-पत्नी के बीच झगड़े, अनबन, पारिवारिक हिंसा और संपत्ति विवाद।
आर्थिक व व्यक्तिगत दबाव: बेरोजगारी, आर्थिक तंगी, नशाखोरी और प्रेम-प्रसंग।
कम उम्र के बच्चों में वजह: पढ़ाई का अत्यधिक तनाव, दोस्तों का प्रभाव या घर से भागने की प्रवृत्ति।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हर केस की पृष्ठभूमि अलग होती है, इसलिए गहराई से जांच के बाद ही असल वजह का पता चल पाता है।
जमीन से जुड़ी तीन दर्दनाक कहानियां
1. शादी के अगले ही दिन बाजार से दुल्हन गायब
चेन्नई से बारात लेकर आए अंकित जैन ने 23 मई को बिलासपुर के मंदिर में 25 वर्षीय छाया लहरे से विवाह किया था। अगले दिन 24 मई को परिवार गोल बाजार के जवाहर मार्केट में खरीदारी करने पहुंचा। अंकित जब पत्नी को बैठाकर अपनी सास के लिए जूस लेने गया, तो लौटने पर दुल्हन वहां से गायब थी।
2. अस्पताल की भीड़ में खो गई अस्वस्थ मां
जशपुर जिले के कोतबा निवासी खिलेंद्र पैंकरा अपनी 43 वर्षीय मां केलाती पैंकरा का इलाज कराने रायपुर लाए थे। 3 जुलाई की शाम अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया के दौरान मां भीड़-भाड़ में कहीं खो गईं। वे मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और केवल स्थानीय जशपुरिया बोली बोल सकती हैं।
3. टाटीबंध से खलासी और वृद्धाश्रम से बुजुर्ग लापता
ओडिशा (कोरापुट) निवासी खलासी वैश्नब हरिजन ट्रक से माल खाली कराने सिलतरा आया था और अपने रिश्तेदार के साथ टाटीबंध में रुका हुआ था, जहां से वह अचानक गायब हो गया। वहीं टिकरापारा निवासी 72 वर्षीय सुकेश कुमार दत्त, जो पैर से लकवाग्रस्त हैं, माना कैंप के वृद्ध आश्रम से 10 जून की सुबह बिना बताए कहीं निकल गए।
कानून में बदलाव: अब सीधे दर्ज हो रहा अपराध
विशेष लोक अभियोजक के.के. चंद्राकर के मुताबिक, "पहले गुमशुदगी की केवल सामान्य रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाती थी और बाद में तथ्य मिलने पर धाराएं जोड़ी जाती थीं। लेकिन अब परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) के तहत भी मामला दर्ज किया जा रहा है, ताकि शुरुआत से ही बंधक बनाने या गलत तरीके से छिपाने की आशंका पर जांच हो सके।" डीसीपी तारकेश्वर पटेल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद हर मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है। अब पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस नई व्यवस्था के जरिए कितनी जल्दी लापता लोगों तक पहुंचा जा सकता है।

