Fertilizer Scam: छत्तीसगढ़ के बस्तर में किसानों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, पहले बाढ़ और चक्रवाती तूफान के चलते फसलों को नुकसान उठाना पड़ा, अब सरकारी खाद वितरण में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। बकावंड ब्लॉक के कचनार लैम्स में किसानों ने प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें खाद के लिए लगातार चक्कर लगवाए गए, जबकि उनके नाम पर खाद जारी कर कथित तौर पर ऊंचे दामों में बाहर बेच दिया गया।
किसान के नाम पर दर्ज कर दिया 11,359 रुपए का कर्ज
मामले में एक किसान ने आरोप लगाया है कि उसके फर्जी हस्ताक्षर कर लैम्स से 11 हजार 359 रुपए की खाद खरीदी दिखा दी गई। इस राशि को किसान के लोन खाते में भी दर्ज कर दिया गया। किसान को इसकी जानकारी तब हुई, जब उसने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। रिकॉर्ड में खाद खरीदी का विवरण देखकर वह हैरान रह गया।
खाद नहीं मिलने पर बाजार से महंगे दामों पर करनी पड़ी खरीदी
किसानों के मुताबिक, वे कई महीनों तक सरकारी खाद लेने के लिए कचनार लैम्स पहुंचते रहे। हर बार स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता था। खेती का समय निकलने के डर से किसानों को बाजार से महंगे दामों पर यूरिया, डीएपी और पोटाश खरीदना पड़ा। अब आरोप सामने आने के बाद किसानों ने इसे उनके हिस्से की सरकारी खाद की कालाबाजारी बताया है।खाते में वापस जमा की गई विवादित राशि
मामले की जानकारी सामने आने के बाद लैम्स प्रबंधन ने संबंधित किसान के लोन खाते में 11 हजार 359 रुपए वापस जमा करा दिए। हालांकि, किसानों का कहना है कि केवल रकम लौटाने से मामला खत्म नहीं हो जाता। उनके मुताबिक, कचनार और आसपास के गांवों के कई किसानों को भी इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
लैम्स प्रबंधक पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
किसानों का कहना है कि पिछले धान खरीदी सीजन में भी लैम्स प्रबंधक ललिता राव के खिलाफ आर्थिक अनियमितताओं को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई थी। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया।प्रबंधक को हटाने और जांच कराने की मांग पर अड़े किसान
लगातार सामने आ रही शिकायतों से नाराज किसान अब एकजुट हो गए हैं, उनकी मांग है कि कचनार लैम्स की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो। इसके साथ ही किसानों ने मौजूदा लैम्स प्रबंधक को पद से हटाने की मांग भी उठाई है।







