Film Industry News: बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय अपनी फिल्मों के साथ-साथ सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं। विवेक के अपने दो बायोलॉजिकल बच्चे हैं, लेकिन इसके अलावा उन्होंने कई कैंसर पीड़ित बच्चों की जिम्मेदारी भी उठाई है। वह इन बच्चों के इलाज, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए लगातार मदद कर रहे हैं। विवेक लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे बच्चों के लिए काम कर रहे हैं और कई बच्चों को नई जिंदगी देने में सहयोग कर चुके हैं। इन्हीं बच्चों में से एक हैं सेहरा शाह, जिन्हें विवेक ने छोटी उम्र में गोद लिया था।
जब विवेक ओबेरॉय ने सेहरा को गोद लिया था, तब वह महज ढाई साल की थीं। उस समय सेहरा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। विवेक उन्हें कैंसर पेशेंट्स एंड एसोसिएशन (CPA) लेकर आए, जहां उनका लंबे समय तक इलाज चला।
कैंसर को हराने के बाद अब फिल्मी दुनिया में कदम रखेंगी सेहरा
आज 22 साल की सेहरा शाह अपनी जिंदगी में एक नई शुरुआत करने जा रही हैं। उन्होंने एविएशन की ट्रेनिंग पूरी कर ली है और जल्द ही कमर्शियल पायलट बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसके साथ ही सेहरा ने अपने फॉस्टर पिता विवेक ओबेरॉय की तरह अभिनय की दुनिया में भी कदम रखने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही एक नेपाली फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाली हैं। यह फिल्म अगले साल रिलीज होने की संभावना है।
50वें जन्मदिन पर सेहरा ने दिया विवेक को खास सरप्राइज
विवेक ओबेरॉय के 50वें जन्मदिन के मौके पर सेहरा ने उन्हें एक खास सरप्राइज दिया। उन्होंने बताया कि वह एक फिल्म में लीड रोल करने जा रही हैं और इस नए सफर के लिए वह विवेक का आशीर्वाद चाहती हैं। सेहरा ने कहा कि विवेक उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा रहे हैं और बचपन से ही उन्होंने उन्हें अपना प्रेरणास्रोत माना है। उनकी बात सुनकर विवेक काफी भावुक हो गए और उन्होंने सेहरा को गले लगा लिया।विवेक ने दी बेटी को आगे बढ़ने की प्रेरणा
सेहरा की बातों से भावुक हुए विवेक ओबेरॉय ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उन्हें सेहरा की उपलब्धियों पर गर्व है और वह चाहेंगे कि वह अपने करियर में खूब सफलता हासिल करें। विवेक ने सेहरा को हमेशा याद रखने की सलाह दी कि वह जिंदगी की बड़ी लड़ाई जीत चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी बीमारी को हराकर आज सेहरा एक मजबूत और सफल इंसान के रूप में आगे बढ़ रही हैं।
बेटी की कैंसर से लड़ाई को याद कर भावुक हुए विवेक
विवेक ओबेरॉय ने बताया कि उन्होंने सेहरा को बहुत मुश्किल दौर से गुजरते देखा है। जब वह छोटी थीं, तब कीमोथेरेपी के दौरान उनकी हालत बेहद नाजुक थी, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। विवेक ने कहा कि उन्हें हमेशा विश्वास था कि सेहरा इस बीमारी से जीतकर बाहर आएंगी। आज जब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, तो यह उनके लिए बेहद भावुक और गर्व का पल है।कैंसर पीड़ित बच्चों की मदद जारी रखे हुए हैं विवेक
विवेक ओबेरॉय ने अपने 50वें जन्मदिन पर कैंसर से जूझ रहे 50 और बच्चों की मदद करने का संकल्प लिया है। उन्होंने इन बच्चों के इलाज का खर्च उठाने की बात कही। विवेक का कहना है कि हर बच्चे को बेहतर इलाज और शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। अपने सामाजिक कार्यों के जरिए वह लगातार जरूरतमंद बच्चों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं।

