Firecracker Market: दिवाली से पहले पटाखा बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार आतिशबाजी का शौक लोगों को महंगा पड़ने वाला है। कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी, परिवहन खर्च और उत्पादन से जुड़ी सख्ती के चलते पटाखों के दाम में पिछले साल के मुकाबले 30 से 50 फीसदी तक इजाफा हुआ है। ऐसे में त्योहार के लिए पटाखे खरीदने वाले लोगों को इस बार अपना बजट बढ़ाना पड़ सकता है।
कच्चे माल और उत्पादन लागत बढ़ने से महंगे हुए पटाखे
पटाखों की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई वजहें सामने आ रही हैं। पटाखा निर्माताओं ने उत्पादन लागत बढ़ने के कारण कीमतों में करीब 15 से 20 फीसदी तक इजाफा किया है। वहीं, खुदरा बाजार में दुकानदारों ने मांग, माल की उपलब्धता और परिवहन खर्च को देखते हुए दाम 30 से 50 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। देश में पटाखा उत्पादन के प्रमुख केंद्र तमिलनाडु के शिवकाशी के निर्माताओं का कहना है कि हर साल कीमतों में कुछ बढ़ोतरी होती है, लेकिन इस बार कच्चे माल की महंगाई ने उत्पादन को काफी प्रभावित किया है।
बाजार में 30 से 50 फीसदी तक महंगे बिक रहे पटाखे
पटाखों की बढ़ी हुई कीमतों का असर अब खुदरा बाजार में भी दिखाई देने लगा है। मुंबई के क्रॉफर्ड मार्केट में पटाखों का कारोबार करने वाले अनीस अहमद के अनुसार, शिवकाशी से इस बार माल 30 से 40 फीसदी तक महंगा मिल रहा है। उनका कहना है कि सल्फर की कीमत में चार गुना तक बढ़ोतरी और माल ढुलाई का खर्च बढ़ने से कारोबारियों की लागत काफी बढ़ गई है।महंगाई के चलते पटाखों की बिक्री घटने की आशंका
पटाखों की बढ़ती कीमतों ने दुकानदारों की चिंता भी बढ़ा दी है। कारोबारियों के मुताबिक, इस बार माल की कमी के कारण दुकानों तक पर्याप्त स्टॉक पहुंचाना आसान नहीं है। मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से थोक बाजार में भी कीमतें करीब 30 फीसदी तक बढ़ गई हैं। महंगाई को देखते हुए दुकानदार पिछले साल की तुलना में कम मात्रा में पटाखे खरीद रहे हैं। इसका असर ग्राहकों की खरीदारी पर भी दिखने लगा है।







