France Defence News: समुद्र के भीतर अपनी सैन्य ताकत और निगरानी क्षमता बढ़ाने की दिशा में फ्रांस ने बड़ा कदम उठाया है। फ्रांस सरकार ने देश की प्रमुख शिपबिल्डिंग कंपनी Naval Group को एक अत्याधुनिक और बड़े आकार का स्वायत्त अंडरवाटर ड्रोन विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस ड्रोन का ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेटर तैयार किया जाएगा और इसके समुद्री परीक्षण 2028 में शुरू करने की योजना है।
समुद्री सीमाओं की सुरक्षा पर फ्रांस का जोर
फ्रांस के लिए इस तरह की तकनीक का विकास रणनीतिक रूप से काफी अहम है। देश का एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) करीब 1.1 करोड़ वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह अटलांटिक, प्रशांत और हिंद महासागर तक विस्तृत है। समुद्री क्षेत्रफल के लिहाज से अमेरिका के बाद फ्रांस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन रखता है। इतने विशाल समुद्री क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा के लिए स्वायत्त अंडरवाटर ड्रोन उपयोगी साबित हो सकते हैं। इनके जरिए उन समुद्री इलाकों में भी निगरानी की जा सकेगी, जहां पारंपरिक नौसैनिक संसाधनों की तैनाती मुश्किल या खर्चीली होती है। फ्रांस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि समुद्र के भीतर रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया भी बना रहे अंडरवाटर ड्रोन
बड़े आकार के बिना चालक दल वाले अंडरवाटर वाहनों को लेकर दुनिया की प्रमुख सैन्य शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। अमेरिकी नौसेना बोइंग के साथ मिलकर ओर्का (Orca) नामक स्वायत्त अंडरवाटर वाहन विकसित कर रही है। वहीं, ब्रिटेन ने पिछले महीने एक बड़े बिना चालक दल वाले अंडरवाटर वाहन से भारी टॉरपीडो दागने का परीक्षण करने की जानकारी दी थी। ऑस्ट्रेलिया भी इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सितंबर में उसने एंडुरिल (Anduril) से करीब 1.7 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के समझौते के तहत Ghost Shark एक्स्ट्रा-लार्ज अंडरवाटर ड्रोन का बेड़ा खरीदने की घोषणा की थी।पहले भी प्रोटोटाइप पर काम कर चुका है नेवल ग्रुप
फ्रांस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना की तैयारी 2023 में शुरू हुई थी। उस दौरान डायरेक्टरेट जनरल फॉर आर्मामेंट (DGA) के साथ शुरुआती तकनीकी और बाजार अध्ययन किया गया था। इसके बाद फ्रांस की डिफेंस इनोवेशन एजेंसी और नेवल ग्रुप के बीच समझौता हुआ। नेवल ग्रुप इससे पहले अपने निवेश से करीब 10 टन वजन वाला समुद्र में चलने वाला ड्रोन डेमोंस्ट्रेटर तैयार कर चुका है। कंपनी के इस शुरुआती काम से ऊर्जा क्षमता, सेंसर इंटीग्रेशन और स्वायत्त संचालन जैसी तकनीकों का परीक्षण करने में मदद मिली। फ्रांस ने जनवरी 2024 में भी एक तकनीकी डेमोंस्ट्रेटर विकसित करने का आदेश दिया था।
रक्षा बजट में भी मिली परियोजना को जगह
फ्रांस ने इस तकनीक के विकास के लिए अपने रक्षा बजट में भी प्रावधान किया है। वर्ष 2026 के रक्षा बजट में अंडरवाटर ड्रोन डेमोंस्ट्रेटर के लिए 3 करोड़ यूरो की कमिटमेंट ऑथराइजेशन और 1.7 करोड़ यूरो की पेमेंट एप्रोप्रिएशन राशि रखी गई है। इसके अलावा, फ्रांस के 2024-2030 रक्षा प्रोग्रामिंग कानून में सात वर्षों के दौरान ड्रोन और रोबोटिक तकनीक के विकास के लिए कुल 5 अरब यूरो का प्रावधान है। इसमें समुद्र के भीतर इस्तेमाल होने वाले ड्रोन भी शामिल हैं।खुद परिस्थितियों के अनुसार फैसले ले सकेगा ड्रोन
इस परियोजना की सबसे अहम विशेषता इसका स्वायत्त निर्णय लेने वाला सिस्टम होगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ड्रोन में ऐसा नियंत्रित ऑटोनॉमस सिस्टम विकसित किया जाएगा, जो समुद्र के भीतर बदलती सामरिक परिस्थितियों, पर्यावरण और तकनीकी खराबियों को ध्यान में रखते हुए अपनी कार्यप्रणाली बदल सकेगा। यह सिस्टम जरूरत पड़ने पर दूसरे उपकरणों और सैन्य प्रणालियों के साथ मिलकर भी काम कर सकेगा। 2028 में प्रस्तावित समुद्री परीक्षणों के दौरान इसकी तकनीकी क्षमताओं और संचालन से जुड़े विकल्पों को परखा जाएगा। इन परीक्षणों से फ्रांस को यह समझने में भी मदद मिलेगी कि भविष्य के नौसैनिक अभियानों में बड़े स्वायत्त अंडरवाटर ड्रोन का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है।





