छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में जमीन खरीदी-बिक्री के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। 19 एकड़ कृषि भूमि का सौदा कर पीड़िता से करीब 12.63 लाख रुपये ऐंठ लिए गए और बाद में उस जमीन को किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। पीड़ित डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। रायपुर के गुढ़ियारी निवासी डॉ. बुधनारायण पटेल (59 वर्ष) ने कोमाखान थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 5 अगस्त 2024 को कोमाखान क्षेत्र के पटपरपाली निवासी भीखमचंद साहू (66 वर्ष) ने खुद को करीब 19 एकड़ कृषि भूमि का इकलौता मालिक बताया।
बिना लिखा-पढ़ी के दिए पैसे
जमीन का सौदा 70 लाख रुपये में तय हुआ। इसके बाद डॉ. पटेल ने एग्रीमेंट (इकरारनामा) के तहत बयाना राशि के रूप में अलग-अलग किस्तों में 11 लाख 85 हजार रुपये चेक और नगद के जरिए दिए। इस सौदे में बकमा निवासी रेखराम बाग ने मध्यस्थ (दलाल) की भूमिका निभाई थी। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने बटांकन, ऋण पुस्तिका बनवाने और अन्य विविध खर्चों के नाम पर बिना किसी लिखा-पढ़ी के करीब 78,000 रुपये अतिरिक्त ले लिए।
बिना बताए अन्य व्यक्ति के नाम पर रजिस्ट्री
इस तरह कुल मिलाकर 12,63,000 रुपये ले लिए गए। जब जमीन का बटांकन (हिस्सा बंटवारा) हुआ, तब खुलासा हुआ कि भीखमचंद साहू के हिस्से में 19 एकड़ नहीं, बल्कि केवल 3 एकड़ ही जमीन आती है। जब पीड़ित ने उस 3 एकड़ जमीन की ही रजिस्ट्री करने को कहा, तो आरोपी टाल-मटोल करने लगा। हद तो तब हो गई जब आरोपी ने डॉ. पटेल को बिना बताए वह जमीन चुपके से किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर रजिस्ट्री कर दी।दो महीनों में रकम लौटाने किया इकरारनामा
ठगी का अहसास होने पर जब डॉ. पटेल ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने दो महीने में रकम लौटाने का लिखित इकरारनामा दिया। हालांकि समय सीमा बीत जाने के बाद भी पैसे नहीं लौटाए गए। पीड़ित का आरोप है कि अब जब वे आरोपी के घर जाते हैं, तो वह अभद्र व्यवहार और मारपीट पर उतारू हो जाता है तथा झूठे केस में फंसाने की धमकी देता है।
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
फिलहाल, पीड़ित डॉ. बुधनारायण पटेल ने कोमाखान थाना प्रभारी से न्याय की गुहार लगाते हुए मुख्य आरोपी भीखमचंद साहू और मध्यस्थ रेखराम बाग के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।