रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था को लेकर उठे विवाद के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिस स्कूल को अस्थायी रूप से ऐसी जगह पर संचालित किया जा रहा था, जहां गाय-भैंस बांधने के साथ चारा भी रखा जाता था, उसे अब पास के एक दूसरे मकान में शिफ्ट कर दिया गया है। प्रशासन की इस व्यवस्था के बाद बच्चों को फिलहाल पढ़ाई के लिए पहले से बेहतर स्थान मिल गया है। अधिकारियों के मुताबिक स्कूल के स्थायी भवन की व्यवस्था होने तक कक्षाएं इसी वैकल्पिक मकान में संचालित की जाएंगी। स्कूल की स्थिति को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे और हाल ही में यहां पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच विवाद भी हुआ था।
स्कूल बिल्डिंग की गई थी सील
रामपुरा कंवरपुरा गांव का सरकारी स्कूल लंबे समय से भवन संबंधी समस्या का सामना कर रहा है। स्कूल की पुरानी बिल्डिंग की हालत काफी खराब होने के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे सील कर दिया गया था। भवन बंद होने के बाद सबसे बड़ी समस्या यह थी कि बच्चों की नियमित पढ़ाई कहां कराई जाए। ऐसी स्थिति में गांव में उपलब्ध एक निजी जगह को अस्थायी स्कूल के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया गया। हालांकि यह स्थान विद्यालय संचालन के अनुकूल नहीं था। यहां पशुओं को बांधने के साथ उनके लिए चारा भी रखा जाता था।
पढ़ाई की व्यवस्था पर उठे सवाल
स्कूल जिस अस्थायी स्थान पर संचालित हो रहा था, वहां गाय-भैंस बांधने और चारा रखने की व्यवस्था होने के कारण बच्चों को पढ़ाई के लिए उचित माहौल नहीं मिल पाने का मुद्दा उठाया गया। राजनीतिक दलों ने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था से जोड़ते हुए प्रशासन और शिक्षा विभाग से जवाब मांगा। CJP और कांग्रेस के नेताओं ने सवाल उठाया कि सरकारी स्कूल का भवन खराब होने के बाद बच्चों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वैकल्पिक भवन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। मामला सामने आने के बाद प्रशासन पर जल्द दूसरी जगह उपलब्ध कराने का दबाव बढ़ा।वैकल्पिक मकान में लगेंगी कक्षाएं
प्रशासन ने अब रामपुरा कंवरपुरा के सरकारी स्कूल को पास के दूसरे मकान में शिफ्ट कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी है और नए स्कूल भवन का निर्माण होने तक बच्चों की पढ़ाई इसी स्थान पर जारी रहेगी। स्कूल को दूसरी जगह ले जाने से बच्चों को पशुओं और चारे के बीच बैठकर पढ़ाई करने जैसी स्थिति से राहत मिलेगी। हालांकि स्कूल की मूल समस्या का स्थायी समाधान तभी होगा, जब नया और सुरक्षित भवन तैयार हो जाएगा।