Home Remedy For Bleeding Gums: मसूड़ों में सूजन, दर्द या ब्रश करते समय खून आना मुंह की आम समस्याओं में शामिल है। कई बार इसकी वजह दांतों पर जमा प्लाक और ओरल हाइजीन की कमी होती है। शुरुआत में लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार ब्लीडिंग या सूजन रहने पर समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में कुछ लोग घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं।
आचार्य बालकृष्ण ने भी एक घरेलू उपाय के तौर पर गुनगुने पानी में नींबू का रस और नमक मिलाकर कुल्ला करने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि इससे मसूड़ों की परेशानी में राहत मिल सकती है। हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए और लगातार समस्या रहने पर डेंटिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
मसूड़ों में सूजन और ब्लीडिंग क्यों होती है?
मसूड़ों की सूजन के पीछे कई कारण हो सकते हैं। दांतों पर प्लाक जमा होना, नियमित रूप से ब्रश न करना, मुंह में संक्रमण और कुछ पोषक तत्वों की कमी इसकी वजह बन सकती है। समस्या बढ़ने पर मसूड़े लाल होने के साथ दर्दनाक भी हो सकते हैं और ब्रश करते समय खून आ सकता है।
नमक वाले गुनगुने पानी से क्या फायदा हो सकता है?
गुनगुने नमक वाले पानी से कुल्ला करना लंबे समय से ओरल केयर के घरेलू तरीकों में शामिल रहा है। इससे मुंह की सफाई में मदद मिल सकती है और सूजन या असहजता में कुछ राहत महसूस हो सकती है। हालांकि, नमक की मात्रा ज्यादा रखना सही नहीं है। बहुत ज्यादा नमक वाला पानी मसूड़ों में जलन पैदा कर सकता है। इसलिए इसे सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।नींबू को क्यों जोड़ा जाता है?
नींबू में विटामिन C पाया जाता है, जो शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है और मसूड़ों के स्वास्थ्य में भी इसकी भूमिका होती है। विटामिन C कोलेजन के निर्माण में मदद करता है, जो शरीर के ऊतकों को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाता है।लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि नींबू का रस सीधे मसूड़ों या दांतों पर लगाया जाए।
कैसे करें कुल्ला?
आचार्य बालकृष्ण के बताए तरीके के अनुसार, एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ी मात्रा में नींबू का रस और नमक मिलाकर कुल्ला किया जा सकता है। इसे सीधे दांतों या मसूड़ों पर लगाने से बचना चाहिए। घरेलू उपाय का इस्तेमाल सीमित रूप से ही करें। अगर मसूड़ों से लगातार खून आता है, तेज दर्द या सूजन है, मुंह से बदबू रहती है या दांत हिलने लगे हैं, तो घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय डेंटिस्ट से जांच कराना जरूरी है।

