Jharkhand Maoist Surrender: रांची के सारंडा इलाके में लंबे समय से सक्रिय तीन इनामी माओवादियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। कल पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में तीनों ने संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। आत्मसमर्पण करने वालों में एक माओवादी दंपती और एक महिला माओवादी शामिल है। इन तीनों पर कुल 26 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी दंपती भी शामिल आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों की पहचान रामप्रसाद मार्डी, उसकी पत्नी मीता उर्फ नयनतारा और बुलु उर्फ गौरी के रूप में हुई है।
26 लाख के इनामी माओवादी थे सक्रिय
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, तीनों लंबे समय से प्रतिबंधित माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे और झारखंड के सारंडा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। रामप्रसाद मार्डी पर 15 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
वह माओवादी संगठन में रीजनल कमेटी सदस्य के पद पर था। मीता उर्फ नयनतारा पर 10 लाख रुपए का इनाम था और वह जोनल कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय थी। बुलु उर्फ गौरी संगठन की सदस्य थी, जिस पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
तीनों पर अलग-अलग मामलों में सुरक्षा एजेंसियों की नजर थी।
दबाव बढ़ा तो बदला ठिकाना, बांकुड़ा में किया सरेंडर
सुरक्षा अभियान बढ़ने के बाद बदला ठिकाना जानकारी के मुताबिक, झारखंड में माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे लगातार अभियानों के चलते सुरक्षा बलों का दबाव बढ़ता जा रहा था। इसके बाद तीनों माओवादी झारखंड से सटे पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा क्षेत्र में पहुंच गए थे।कल उन्होंने वहीं आत्मसमर्पण कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, यह कदम माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि आत्मसमर्पण करने वाले तीनों सदस्य संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
अभियान के तहत कई उग्रवादी अब आत्मसमर्पण कर पुनर्वास योजनाओं का लाभ लेने की ओर बढ़ रहे हैं। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इन तीनों के आत्मसमर्पण से क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को कमजोर करने में मदद मिलेगी। वहीं, पुलिस अब इनके संगठन से जुड़े अन्य नेटवर्क और गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी है।
