Sagar Poisonous Liquor Case: मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े बहुचर्चित जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी रवि लखेरा की फरारी का सिलसिला आखिरकार खत्म हो गया है। बरायठा के जंगलों में रात के अंधेरे में हुई एक नाटकीय मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी है। जहरीली शराब कांड के सामने आने के बाद से ही रवि लखेरा पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। उसकी तलाश में पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई थीं, जो लगातार अलग-अलग इलाकों में दबिश दे रही थीं।
घने जंगलों में छिपा था आरोपी
हालांकि, आरोपी बार-बार अपनी लोकेशन बदलकर बच निकलने में कामयाब हो रहा था। गश्त के दौरान गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी बरायठा के घने जंगलों में छिपा हुआ है। खबर मिलते ही पुलिस की टीम ने बिना वक्त गंवाए इलाके की सख्त घेराबंदी की और जंगल के भीतर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। जब पुलिस की टीम आरोपी के करीब पहुंची, तो खुद को घिरता देख रवि लखेरा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सीधे पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और भागने की कोशिश करने लगा।
मुठभेड़ में पैर पर लगी गोली
अचानक हुई इस गोलीबारी के बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से हुई इस मुठभेड़ में एक गोली रवि लखेरा के पैर में जा लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके तुरंत बाद जवानों ने उसे घेराबंदी कर मौके से हिरासत में ले लिया। मुठभेड़ में घायल होने के बाद पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार तड़के इलाज के लिए सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से चकमा दे रहे रवि लखेरा पर 20 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था।
इलाज के साथ पूछताछ जारी
वह शराब से जुड़े आपराधिक नेटवर्क का एक पुराना चेहरा रहा है। इसी साल मई 2026 में उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में जब एक बड़ी नकली शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ था, तब भी इसका नाम मुख्य संदिग्धों में सामने आया था। इसके अलावा भी कई अवैध शराब मामलों में वह पुलिस की रडार पर रहा है। फिलहाल, अस्पताल में इलाज के साथ-साथ पुलिस आरोपी से पूछताछ की तैयारी कर रही है, ताकि जहरीली और नकली शराब के इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों और सप्लायरों तक पहुंचा जा सके।

