Murder Case: सोनीपत जिले के मुकीमपुर गांव से जुड़े चर्चित कनिका हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपनी पसंद से पिता के परिचित से शादी करने वाली कनिका की हत्या के मामले में उसके पिता विजयपाल को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अदालत ने हत्या, हत्या के लिए अपहरण और सबूत मिटाने के मामलों में अलग-अलग सजाएं सुनाई हैं।
अदालत के फैसले के मुताबिक, विजयपाल को हत्या के मामले में आजीवन कारावास के साथ 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं हत्या के लिए अपहरण के मामले में भी उम्रकैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई है। इसके अलावा सबूत मिटाने के आरोप में 7 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
19 साल की उम्र में पिता के दोस्त से की थी शादी
मामला वर्ष 2020 का है। पुलिस और अदालत में पेश किए गए रिकॉर्ड के अनुसार, मुकीमपुर गांव की रहने वाली कनिका ने 24 नवंबर 2020 को अपने पड़ोसी और पिता के परिचित वेदप्रकाश आंतिल से मेरठ के आर्य समाज मंदिर में विवाह किया था। उस समय कनिका की उम्र 19 वर्ष थी, जबकि वेदप्रकाश करीब 43 साल के थे। दोनों ने शादी का कानूनी पंजीकरण भी कराया था। हालांकि, उम्र में बड़े अंतर और रिश्ते को लेकर कनिका के परिवार ने इस विवाह का विरोध किया। परिवार की नाराजगी के बाद परिजन गांव छोड़कर रोहतक रहने चले गए, जबकि कनिका अपने पति के साथ रहने लगी।
जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाया गया था वापस
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जून 2021 में कनिका अपनी इच्छा से मुकीमपुर वापस आई और पति के साथ रहने लगी। इससे उसके पिता विजयपाल नाराज हो गए। आरोप है कि 6 जुलाई 2021 को विजयपाल बेटी को जन्मदिन मनाने के बहाने अपने साथ ले जाने पहुंचा।
कनिका पिता पर भरोसा कर उसके साथ कार में बैठ गई, लेकिन रास्ते में उसे खतरे का अंदेशा हुआ। अभियोजन के मुताबिक, उसने अपने पति वेदप्रकाश को एक वीडियो भेजकर पिता और कुछ रिश्तेदारों से खतरा होने की बात कही थी। उसने पति के पास वापस आने की इच्छा भी जताई थी।
गंगनहर में शव फेंकने का लगाया गया था आरोप
पुलिस जांच में आरोप लगाया गया कि गांव खेड़ी दमकन के पास कार में विवाद के दौरान कनिका की हत्या कर दी गई। अभियोजन के अनुसार, विजयपाल ने उसके हाथ पकड़े और उसके रिश्तेदार वीरेंद्र ने चुन्नी से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद शव को मेरठ के पास गंगनहर में फेंकने का आरोप लगाया गया था। लंबी सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह की अदालत ने विजयपाल को दोषी माना। हालांकि, मामले में आरोपी बनाए गए वीरेंद्र को पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण अदालत ने बरी कर दिया।
गवाही देने पहुंचे पति की कोर्ट परिसर में हुई थी हत्या
कनिका हत्याकांड से जुड़ी एक और घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया था। कनिका के पति वेदप्रकाश 22 अप्रैल को अदालत में गवाही देने पहुंचे थे। इसी दौरान कोर्ट परिसर में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद विजयपाल सहित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। करीब पांच साल पुराने इस मामले में अब अदालत के फैसले के बाद कनिका के पिता को उम्रकैद की सजा मिली है, जबकि दूसरे आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में राहत मिल गई है।

