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रायपुर
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : पशु तस्करी मामलों में ट्रायल तक गौशालाओं में रहेंगे जब्त मवेशी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पशु तस्करी के मामलों में जब्त कृषि उपयोगी मवेशियों को ट्रायल पूरा होने से पहले आरोपी, वाहन चालक या कथित मालिक को सुपुर्दनामा पर नहीं दिया जा सकता। अदालत ने कहा कि ऐसे सभी पशुओं को मुकदमे के अंतिम निर्णय तक केवल पंजीकृत गौशाला, गोसदन या गोरक्षण संस्थानों की देखरेख में रखा जाएगा।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
कोर्ट का बड़ा फैसला : चालक की हत्या के मामले में अदालत ने चार आरोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में वाहन लूटकर चालक नंदू काशीपुरी की हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने चार मुख्य आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक आरोपी को लूटी गई बोलेरो अपने कब्जे में रखने के लिए एक वर्ष की सजा मिली, जबकि साक्ष्यों के अभाव में एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया गया। साथ ही पीड़ित परिवार को क्षतिपूर्ति योजना के तहत मुआवजा देने की अनुशंसा की गई।
राष्ट्रीय
इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला : पति की सैलरी का 25% देना कोई तय नियम नहीं, फैमिली कोर्ट के आदेश में किया बदलाव
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गुजारा भत्ते को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि पति की कुल सैलरी का 25 प्रतिशत हिस्सा देना कोई तय नियम नहीं है। अदालत ने कानपुर देहात के एक मामले में पत्नी के भत्ते को ₹12 हजार से बढ़ाकर ₹20 हजार प्रति माह कर दिया।
राष्ट्रीय
ब्लास्ट केस : अहमदाबाद ब्लास्ट केस में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, 38 दोषियों को राहत नहीं
गुजरात हाई कोर्ट ने 2008 अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में 38 दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा को बरकरार रखा है। सेशंस कोर्ट के 2022 के फैसले के खिलाफ दायर राज्य सरकार की कन्फर्मेशन याचिका और दोषियों की अपीलों पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने यह निर्णय सुनाया।
बिलासपुर
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : पिछड़ा वर्ग आयोग को नहीं है पैसे की रिकवरी का अधिकार
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में स्पष्ट किया कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग केवल सलाहकार संस्था है और उसे व्यावसायिक विवादों में धनराशि की रिकवरी का आदेश देने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने आयोग द्वारा जारी रिकवरी आदेश को अधिकार क्षेत्र से बाहर मानते हुए निरस्त कर दिया।
राष्ट्रीय
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: फ्लैट मिलने के बाद भी बिल्डर पर कर सकेंगे केस, देरी के लिए मिलेगा पूरा मुआवजा
सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत के मुताबिक, फ्लैट या मकान का कब्जा मिलने के बाद भी खरीदार सेवाओं में कमी के लिए बिल्डर पर केस कर सकते हैं। कब्जा मिलने में हुई देरी के लिए मुआवजा मांगने का अधिकार हमेशा सुरक्षित रहेगा। इसके लिए खरीदार उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
बिलासपुर
अपहरण कांड : रिश्तों को शर्मसार करने वाले विराट कांड में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
बिलासपुर के बहुचर्चित विराट सराफ अपहरण कांड में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सभी दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। कोर्ट ने कहा कि बच्चों का अपहरण समाज में भय पैदा करने वाला गंभीर अपराध है। 2019 में कारोबारी विवेक सराफ के बेटे विराट का अपहरण कर 6 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने 7वें दिन बच्चे को सकुशल बरामद कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में विराट की ताई नीता सराफ को साजिश का मास्टरमाइंड पाया गया। हाई कोर्ट ने CDR, CCTV फुटेज, फिंगरप्रिंट और वॉयस सैंपल जैसे तकनीकी साक्ष्यों को मजबूत आधार मानते हुए दोषियों की अपील खारिज कर दी।
छत्तीसगढ़
कोल लेवी घोटाला : हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सूर्यकांत तिवारी के ड्राइवर नारायण साहू की जमानत याचिका खारिज
छत्तीसगढ़ के कोल लेवी घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सूर्यकांत तिवारी के ड्राइवर नारायण साहू की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने माना कि आरोपी केवल ड्राइवर नहीं बल्कि अवैध वसूली नेटवर्क का सक्रिय सदस्य रहा है और जमानत मिलने से जांच प्रभावित हो सकती है। जांच में इनकम टैक्स छापे के दौरान मिली डायरियों से करीब 13 करोड़ रुपये की अवैध वसूली के संकेत मिले हैं। इस मामले में EOW-ACB ने कुल 35 लोगों को आरोपी बनाया है, जिन पर भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वसूली के गंभीर आरोप हैं।
बिलासपुर
छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, युवाओं को राहत
भर्ती प्रक्रिया बरकरार, खाली पद अब वेटिंग लिस्ट से भरेंगे
राष्ट्रीय
धर्म परिवर्तन पर SC-ST दर्जा खत्म, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
ईसाई धर्म अपनाने पर नहीं मिलेगा आरक्षण और कानून का लाभ
देश
22 साल बाद जेल से राहत, सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद-142 के तहत दी जमानत; ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला पलटा
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में ओडिशा में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी अर्जुन जानी उर्फ टुनटुन को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। आरोपी पिछले 22 वर्षों से जेल में बंद था और उसकी सजा के खिलाफ दायर अपील लगभग 3157 दिनों की देरी से दाखिल होने के कारण ओडिशा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी।