Wednesday, 07 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
CG Crime News: जिला अस्पताल के महिला टॉयलेट में मिला नवजात का शव, मचा हड़कंप Gang Rape Case: सरगुजा में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, 4 आरोपी हिरासत में High-Voltage Drama: तखतपुर में 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, रेस्क्यू में जुटी पुलिस Raigarh Bank Fraud: रिटायर्ड शिक्षक के खाते से 47 लाख का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन CG News: धमतरी में डायल 112 के आरक्षक की मौत, कंट्रोल रूम में मिला शव Raigarh Scrap Case: GST जांच में खुली गड़बड़ी, रायगढ़ में 32.5 टन संदिग्ध स्क्रैप जब्त CG Crime News: जिला अस्पताल के महिला टॉयलेट में मिला नवजात का शव, मचा हड़कंप Gang Rape Case: सरगुजा में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, 4 आरोपी हिरासत में High-Voltage Drama: तखतपुर में 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, रेस्क्यू में जुटी पुलिस Raigarh Bank Fraud: रिटायर्ड शिक्षक के खाते से 47 लाख का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन CG News: धमतरी में डायल 112 के आरक्षक की मौत, कंट्रोल रूम में मिला शव Raigarh Scrap Case: GST जांच में खुली गड़बड़ी, रायगढ़ में 32.5 टन संदिग्ध स्क्रैप जब्त
W 𝕏 f
होम › तकनीक › खास तकनीक : आईआईटी रुड़की और उत्तराखंड सरकार ने ब…
आईआईटी रुड़की और उत्तराखंड सरकार ने बनाया भूदेव ऐप
आईआईटी रुड़की और उत्तराखंड सरकार ने बनाया भूदेव ऐप
तकनीक Featured

खास तकनीक : आईआईटी रुड़की और उत्तराखंड सरकार ने बनाया भूदेव ऐप, जानिए कैसे करती है काम 

भूकंप आने से पहले उसकी सटीक भविष्यवाणी करने वाली तकनीक दुनिया में कहीं नहीं है. हालांकि, भारत ने ऐसा अर्थक्वेक अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित किया है, जो भूकंप शुरू होने के बाद और खतरनाक झटके पहुंचने से कुछ सेकंड पहले अलर्ट कर देता है। इसी कड़ी में आईआईटी रुड़की और उत्तराखंड सरकार ने ऐप बनाया है, जो सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का कीमती समय देता है।

व
प्रकाशित: 26 Jun 2026, 12:17 PM · अपडेट: 03 Oct 2026, 01:50 AM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
क्या भूकंप आने से पहले उसकी सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है? इसका जवाब फिलहाल नहीं है। दुनिया के किसी भी देश के पास ऐसी तकनीक नहीं है, जो पहले से बता दे कि कब और कहां भूकंप आएगा। हालांकि, भारत ने ऐसा Earthquake Early Warning System तैयार किया है, जो भूकंप शुरू होने के बाद कुछ सेकंड पहले लोगों को चेतावनी दे सकता है। 
हिमालयी राज्यों में इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। आईआईटी रुड़की और उत्तराखंड सरकार ने मिलकर "भूदेव" नाम का एक Early Warning App विकसित किया है। इसका उद्देश्य भूकंप के तेज झटकों से पहले लोगों तक अलर्ट पहुंचाना है, ताकि वे सुरक्षित जगह पर पहुंच सकें। 

कैसे करता है काम? 

भूकंप आने पर सबसे पहले हल्की गति वाली पी-वेव (P-Wave) निकलती है। ये ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाती, लेकिन इनके बाद आने वाली तेज तरंगें भारी तबाही मचाती हैं। निगरानी केंद्र इन शुरुआती तरंगों को तुरंत पहचान लेते हैं और कुछ सेकंड के भीतर अलर्ट जारी कर देते हैं। यही कुछ सेकंड लोगों के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। इस दौरान लोग इमारतों से दूर जा सकते हैं, मशीनें बंद की जा सकती हैं और आपातकालीन सेवाएं सतर्क हो जाती हैं। 

उत्तराखंड में लगा है सेंसर नेटवर्क 

भारत में यह निगरानी प्रणाली मुख्य रूप से उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र में स्थापित की गई है। सेंसर सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों के पास लगाए गए हैं, ताकि कंपन शुरू होते ही सूचना मिल सके। सरकार के अनुसार, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी भी इस प्रणाली को और मजबूत बनाने पर काम कर रहा है। इसका लक्ष्य भूकंप की तीव्रता का तेजी से आकलन कर प्रभावित क्षेत्रों तक जल्द चेतावनी पहुंचाना है। 
विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक भूकंप को रोक नहीं सकती, लेकिन समय रहते अलर्ट देकर जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम करने में मदद जरूर कर सकती है। जापान, ताइवान और अमेरिका जैसे देशों में भी इसी तरह की Early Warning System पहले से सफलतापूर्वक काम कर रही है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें