गिरदावरी क्या है?
गिरदावरी खेत में बोई गई फसल और जमीन की स्थिति का सरकारी रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया है। इसमें संबंधित खेत का निरीक्षण कर खसरा नंबर, फसल और कृषि भूमि से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाती है। यह रिकॉर्ड किसानों की फसल बिक्री, फसल नुकसान के आकलन और कई सरकारी योजनाओं में काम आता है।10 अक्टूबर तक पूरी होनी है गिरदावरी
ग्रामीणों के मुताबिक DCS गिरदावरी की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 है। ऐसे में अब समय काफी कम बचा है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि अंतिम तिथि को देखते हुए मानपुर गांव के सभी छूटे हुए खसरा नंबरों की गिरदावरी तत्काल कराई जाए।
धान बिक्री को लेकर किसानों की चिंता
किसानों की चिंता इस बात को लेकर है कि समय पर गिरदावरी दर्ज नहीं हुई तो धान बेचने की प्रक्रिया में दिक्कत आ सकती है। ग्रामीणों ने इसी परेशानी को देखते हुए प्रशासन से समय रहते कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर मानपुर गांव की पूरी DCS गिरदावरी जल्द से जल्द कराई जाए, ताकि किसानों को धान बिक्री के समय किसी तरह की परेशानी न हो। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम तिथि 10 अक्टूबर है, इसलिए अब कार्रवाई में देरी किसानों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।
धान बिक्री को लेकर किसानों की चिंता
लगभग 500 किसानों पर पड़ेगा असर
किसानों के लिए क्यों जरूरी है गिरदावरी?
गिरदावरी में खेत और फसल का रिकॉर्ड दर्ज होता है। यही रिकॉर्ड किसानों की फसल बिक्री और फसल नुकसान के आकलन जैसी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में समय पर गिरदावरी नहीं होने से किसानों को आगे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

